
टेकचंद कारड़ा
बिलासपुर – तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत समडील में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे तीन मासूम बच्चे घोंघा नदी पर बने एनीकट को पार करते समय अचानक बढ़े तेज बहाव की चपेट में आ गए। देखते ही देखते तीनों पानी में बह गए। हादसे की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल नदी किनारे पहुंचकर बच्चों की तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। करीब पांच घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद आठ वर्षीय रिद्धी जायसवाल का शव बरामद कर लिया गया। वहीं सात वर्षीय अनमोल जायसवाल और आठ वर्षीय सिद्धी जायसवाल का देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला। दोनों की तलाश में एसडीआरएफ की टीम नदी में लगातार अभियान चला रही है। डीएसपी नुपूर उपाध्याय के अनुसार समडील निवासी अनमोल जायसवाल पिता भुनेश्वर जायसवाल, सिद्धी जायसवाल पिता भुनेश्वर जायसवाल और रिद्धी जायसवाल पिता विजय जायसवाल शनिवार को स्कूल से छुट्टी के बाद पैदल अपने घर लौट रहे थे। तीनों चचेरे भाई-बहन थे। घर पहुंचने के लिए उन्हें घोंघा नदी पर बने एनीकट को पार करना पड़ता था। बताया गया कि एनीकट के ऊपर पानी का बहाव शुरुआत में सामान्य नजर आ रहा था। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ा और पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। बच्चे संभल नहीं पाए और तीनों नदी में गिरकर बह गए।
पीछे चल रहा मासूम लौटा, तीनों बह गए

डीएसपी ने बताया कि तीनों बच्चों के साथ गांव का एक और मासूम भी स्कूल से लौट रहा था। एनीकट पार करते समय तीनों भाई-बहन आगे चल रहे थे, जबकि दूसरा बच्चा उनके पीछे था। अचानक तेज बहाव आने से तीनों पानी में गिर गए। यह देखकर पीछे चल रहा मासूम घबरा गया और तत्काल वापस किनारे की ओर लौट आया। उसकी सूचना के बाद ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई।
ग्रामीणों के बाद एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
बच्चों के नदी में बहने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने नदी के आसपास दूर-दूर तक तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। घंटों की मशक्कत के बाद रिद्धी का शव पानी से बरामद हुआ। हादसे की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जिसने नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
परिजनों की आंखों में इंतजार, गांव में मातम
रिद्धी का शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरी ओर अनमोल और सिद्धी के परिजन देर रात तक नदी किनारे बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में डटे रहे। पुलिस, एसडीआरएफ और ग्रामीण लगातार उनकी तलाश में जुटे रहे। घटना ने नदी और एनीकट पार करने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक ऊपर से पानी कम दिखाई देने के कारण बच्चे नदी पार करने आगे बढ़े, लेकिन अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया। एक मासूम की मौत और दो के लापता होने से समडील गांव में शनिवार की शाम मातम में बदल गई।

