
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – जिले के शिक्षा व्यवस्था की हकीकत जानने बुधवार को स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जिसमे संयुक्त संचालक अश्विनी भारद्वाज और सहायक संचालक प्रकाश तिवारी ने जिले के बिल्हा, चकरभाठा, हरदी सहित हिर्री के विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, निर्धारित कालखंडों में अध्यापन, विद्यालय संचालन और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच की। निरीक्षण में मिली कमियों पर संबंधितों से स्पष्टीकरण लेने और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। इस बीच स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बिल्हा में पदस्थ 10 व्याख्याताओं में से 8 उपस्थित मिले, जबकि 2 अवकाश पर थे। पूर्व माध्यमिक विभाग में कार्यरत संकुल शैक्षिक समन्वयक द्वारा नियमित अध्यापन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस पर प्राचार्य चंद्रमान ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा पूर्व माध्यमिक विभाग का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट कन्या विद्यालय चकरभाठा में प्राचार्य सहित 17 व्याख्याता पदस्थ हैं। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य प्रदीप कुमार केरकेट्टा अनुपस्थित मिले। जहा पता चला कि अपराह्न 3.45 बजे से विद्यालय में उपस्थित नहीं थे। दो व्याख्याताओं द्वारा ऑनलाइन अवकाश आवेदन दिए जाने की जानकारी मिली। शारीरिक शिक्षा शिक्षक आशीष लहरे की विद्यालय में नियमित उपस्थिति नहीं होने की बात भी सामने आई। निरीक्षण में पाया गया कि उस दिन केवल 4 व्याख्याताओं ने निर्धारित कालखंडों के अनुसार अध्यापन कराया था, जबकि शेष ने एक भी कालखंड नहीं लिया था। पर्याप्त शिक्षक होने के बावजूद अध्यापन व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर प्राचार्य श्री केरकेट्टा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सभी व्याख्याताओं को समय-सारिणी के अनुसार नियमित अध्यापन करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह शासकीय प्राथमिक शाला हरदी में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली। संबंधित प्रधान पाठक शुक्ला एवं भोजन बनाने वाले समूह को चेतावनी देकर गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। पूर्व माध्यमिक शाला हरदी में पदस्थ भृत्य श्री कृष्ण कुमार के संलग्नीकरण की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी को उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए। जबकि शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला हिर्री का संचालन व्यवस्थित पाया गया।
