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दिल्ली से एक दुखद खबर आ रही है ।सूत्रों के अनुसार पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 67 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। मंगलवार को बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। जहां चिकित्सक उनकी जान नहीं बचा पाए। रात करीब 9 बजे उन्होंने अंतिम सांसें ली। शाम 7:00 बजे सुषमा स्वराज ने आर्टिकल 370 पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए ट्वीट किया था और उसके बाद उन्होंने बेचैनी की शिकायत की और मात्र 2 घंटे बाद ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
24 फरवरी 1952 को अंबाला छावनी में जनमी सुषमा स्वराज भारतीय जनता पार्टी की अग्रणी और तेजतर्रार नेता थी ।1977 में मात्र 25 वर्ष की आयु में उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल की सदस्य बनने का अवसर मिला था । 27 वर्ष की अल्पायु में ही वो भाजपा हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष बनी थी। कानून की डिग्री लेने के बाद सक्रिय राजनीति में उतरी सुषमा स्वराज ने चार राज्यों से करीब 11 बार चुनाव लड़ा था। उन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का भी गौरव हासिल था। 2014 में सुषमा स्वराज भारत की पहली पूर्णकालिक महिला विदेश मंत्री बनी थी। पिछले दिनों किडनी ट्रांसप्लांट के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था और कयास लगाया जा रहा था कि उन्हें राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विदेश मंत्री रहने के दौरान विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद करने के लिए उनकी दुनिया भर में तारीफ हुई थी। उनके निधन पर भारतीय जनता पार्टी समेत देश भर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है और किसी को यकीन ही नहीं आ रहा कि मात्र 67 वर्ष की आयु में सुषमा स्वराज नहीं रही है। उन्होंने अपने अंतिम ट्वीट में जिक्र किया कि उनकी सांसे इसी दिन को देखने के लिए अटकी हुई थी।