
उदय सिंह

11 वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ बटालियन के आरक्षक प्रमोद वर्मा का निधन सड़क हादसे में हो गया ।2005 से बटालियन में सेवा दे रहे शहीद प्रमोद वर्मा बेहद हँसमुख और मिलनसार माने जाते थे। बटालियन में कार्यरत प्रमोद वर्मा गणना के बाद अपने साथियों के साथ बटालियन से बाहर निकले हुए थे कि तभी तेज रफ्तार बोलेरो ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। सीपत में जन्मे जवान प्रमोद वर्मा बेहद मिलनसार और हंसमुख थे। इसलिए पूरे सीपत में वे बेहद लोकप्रिय भी थे। 33 वर्षीय प्रमोद वर्मा के निधन से पूरे सीपत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी।

तीन भाइयों में सबसे छोटे प्रमोद वर्मा से बड़े दो भाई प्रदीप वर्मा और दिलीप वर्मा है। शहीद जवान प्रमोद वर्मा की पत्नी मनीषा वर्मा सीपत प्राथमिक शाला में शिक्षिका के पद पर कार्यरत है । शहीद जवान की एक 8 साल की बेटी हर्षा और एक 3 साल का बेटा विनायक वर्मा भी है, जिन्हें वे अपने पीछे रोता बिलखता छोड़ गए हैं। अपने जांबाज बेटे प्रमोद वर्मा की असामयिक निधन से पिता सुंदर लाल वर्मा पूरी तरह टूट चुके हैं।

मंगलवार को सड़क हादसे में आरक्षक प्रमोद वर्मा के निधन के बाद बुधवार को बटालियन से उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ गृह ग्राम सीपत लाया गया। जहां शहीद जवान को अंतिम विदाई देने पूरा सीपत क्षेत्र उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोग ,जनप्रतिनिधि, गांववासी और बटालियन के सिपाही मौजूद थे। सभी ने नम आंखों के साथ शहीद प्रमोद वर्मा को विदा दी।
