
आलोक
करीब 4 साल बाद अटल विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया और वह भी कई कारणों से विवादों से घिर गया है सबसे बड़ा विवाद तो आयोजन को शहर से दूर एक निजी होटल में करने को लेकर है । आरोप लग रहे हैं कि 11 लाख रुपए आयोजन के नाम पर विश्वविद्यालय ने फूंक दिए हैं जिसमें बड़ी कमीशन खोरी की बात भी कही जा रही है। वही कुलपति प्रोफेसर गौरी दत्त शर्मा दावा कर रहे हैं कि होटल में आयोजन करने के पीछे उपलब्ध सुविधाएं मिलना है लेकिन आयोजन के दौरान भारी अव्यवस्था हर स्तर पर नजर आई। वहीं जब पत्रकारों ने यही सवाल राज्यपाल से किया तो उन्होंने गेंद विश्वविद्यालय कुलपति और कुलसचिव के पाले में डाल दी। सूत्रों के अनुसार आयोजन के पीछे कुलसचिव की मुख्य भूमिका है और इसीलिए आरोपों की सुई भी उन्हीं की ओर मुड़ती दिखाई दे रही है। शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह चकरभाठा के पास हाईकोर्ट के करीब होटल सेंटर प्वाइंट इंटरनेशन में किया गया जबकि इससे पूर्व विश्वविद्यालय ने अपना दीक्षांत समारोह गुरु नानक स्कूल परिसर में किया था। सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने के पीछे आयोजक तरह-तरह के कुतर्क दे रहे हैं लेकिन आरोप है कि आयोजन के पीछे जमकर कमीशन खोरी की गई है । इसलिए इसकी जांच की भी मांग उठ रही है वहीं आयोजन के दौरान आयोजन कर्ताओं ने मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक को भी नाराज कर दिया है जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। बिलासपुर शहर में ही महाराजा रंजीत सिंह सभागार के अलावा लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम, सिम्स ऑडिटोरियम जैसे स्थान थे जहां आसानी से दीक्षांत समारोह संपन्न किया जा सकता था लेकिन टैक्स के पैसे की फिजूलखर्ची अटल विश्वविद्यालय द्वारा की गई है, जिस में भी जनप्रतिनिधियों की अवहेलना भी हुई है। कुछ लोगों ने मिलकर फैसले लिए और समारोह को शहर से दूर एक होटल में सीमित कर दिया । आयोजन के लिए पूरे होटल को ही बुक कर लिया गया, जिसमें लाखों रुपए फूंक दिए गए । ऐसा किस लिए किया गया इस पर कोई सही कारण खुद अटल विश्वविद्यालय के कर्ताधर्ता नहीं बता पा रहे है। इसीलिए मीडिया के सवालों के आगे कुलपति नर्वस नजर आए।