
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर- रतनजोत बीज खाने से आधा दर्जन से बच्चों के अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। यह पूरा घटना क्रम मुंगेली जिले के पथरिया ब्लॉक स्थित ग्राम बिदबिदा का बताया जा रहा है। जहाँ रतनजोत बीज खाने से 6 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं होने पर सभी को सिम्स रिफर किया गया। कुछ बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है। पीड़ित परिवार की माने तो ग्राम बिदबिदा में बुधवार की दोपहर करीब दो बजे बच्चे खेल रहे थे। खेत के सामने बड़ी तदाद में रतनजोत के पौधे लगे थे, जिनका बीज पककर जमीन में गिरा था। बच्चे इसे फल समझकर खाने लगे। कई बच्चों ने बड़ी मात्रा में बीज का सेवन कर लिया। आधा घंटे बाद अचानक बच्चों को उल्टी होने लगी। कुछ बेहोश होने लगे। आसपास के लोगों की उन पर नजर गई। तत्काल परिजन को जानकारी दी गई और संजीवनी एक्सप्रेस 108 से सरगांव स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उपचार के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद देर शाम 6 बच्चों को सिम्स लाया गया। जहाँ उनकी तबीयत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
क्या है रतनजोत

रतनजोत एक प्रकार की औषधि है। इसके बीज से तेल भी तैयार किया जाता है। इस तेल का उपयोग आंखों की रोशनी बढ़ाने, त्वचा का रूखापन दूर करने, दाद-खाज और खुजली से छुटकारा दिलाने, पेट के कीड़ों को नष्ट करने, गुर्दे की पथरी से छुटकारा दिलाने और शरीर से जहरीले पदार्थों को दूर करने के लिए किया जाता है। रतनजोत का उपयोग बालों की कई समस्याओं जैसे बालों का झड़ना, बालों का सफेद होना आदि में किया जाता है। इसके अलावा रक्त के शोधन के लिए भी रतनजोत इस्तेमाल की जाती है।
रतनजोत के नुकसान

रतनजोत का अधिक सेवन लिवर फेल होने, सिरोसिस, निमोनाइटिस, पल्मोनरी हाइपरटेंशन या हार्ट फेल का कारण बन सकता है।
पर्कोलिजिडाइन क्षारीय तत्वों के कारण यह फेफड़ों की विषाक्तता का कारण बन सकती है।
इसकी जड़ की डाई का सेवन किसी भी रूप में नहीं किया जाना चाहिए।डॉक्टरों की माने तो गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसके उपयोग से बचना चाहिए।
रतनजोत खाने से यह बच्चे हुए प्रभावित
बुधवार को पथरिया ब्लाक के ग्राम बिदबिदा के रहने वाले इन बच्चो ने रतनजोत के बीज का सेवन किया सन्नी राज पिता लल्लू राज उम्र 5 वर्ष, राशि लोधी पिता लालू राजपूत लोधी उम्र 5 वर्ष, काजल पिता गया प्रसाद उम्र 14 वर्ष, पायल पिता गया प्रसाद उम्र 10 वर्ष, बिरहा पिता नेपाल राजपूत उम्र 5 वर्ष, मुस्कान पिता लालू राजपूत लोधी उम्र 10 वर्ष जिनका इलाज सिम्स में चल रहा है।
भाजपा सरकार ने लिया था यह जानलेवा निर्णय
दरसअल छत्तीसगढ़ सरकार ने करीब 12 साल पहले कम क़ीमत का हवाला देकर बायो डीजल बनाने के लिए अमरीकी मूल के जेट्रोफा यानी रतनजोत पौधे को अपना हथियार बनाया और राज्य भर में रतनजोत लगाने की शुरुआत की थी। भाजपा के कद्दावर नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दावा किया था कि 2014 तक छत्तीसगढ़ डीजल के मामले में आत्मनिर्भर हो जायेगा, पूरे राज्य में 1.65 लाख हेक्टेयर ज़मीन पर रतनजोत लगाये गये। लेकिन यह योजना पूरी तरह फेल रही है। जिस वजह से अब भी अधिक्तर ग्रामीण क्षेत्रों में रतनजोत के पौधे बच्चो के लिए जान लेवा साबित हो रहे है।