
रमेश राजपूत

जांजगीर-चांपा – जिले के पामगढ़ ब्लॉक के सेमरिया गांव में 23 अगस्त को 33 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे जिन्हें लाने दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गई थी मगर ग्रामीणों के द्वारा मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की गई थी। ग्रामीणों के व्यवहार की वजह से स्वास्थ्य कर्मचारी दहशत में है और अब पुलिस सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में बीएमओ ने बताया कि जब तक पुलिस सुरक्षा नहीं दी जाएगी स्वास्थ्य कर्मी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग लिए नहीं जाएंगे।

गौरतलब है कि गांव में 100 से ज्यादा लोगों का कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जाना है जो कि अब तक पेंडिंग है और ऐसी स्थिति में लगातार पॉजिटिव मरीजों की बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इस घटना में एक और तथ्य महत्वपूर्ण है कि इस मामले में अब तक किसी पर भी जुर्म दर्ज नहीं किया गया है जबकि सेमरिया की घटना की वजह से पूरे स्वास्थ्य अमले में दहशत का माहौल है। गौरतलब है सेमरिया गांव का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है जिसमें ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के कर्मियों को दौड़ाते नजर आ रहे हैं।
बताया यह भी जा रहा है कि हंगामा करने वाले और पुलिस के साथ बदसलूकी करने और दौड़ाने वालों में कोरोना पॉजिटव मरीज भी शामिल थे जिनकी वजह से पुलिस भीड़ को देख कर भाग रही है। इस घटना ने एक बार साबित कर दिया है कि जागरूकता ग्रामीण अंचलों से अब भी कोसों दूर है, जबकि दावे बहुत किये जाते है।