
मिशन अमृत परियोजना शहर के लिए जीवनदायी साबित होगी लेकिन ठेका कंपनी की लापरवाही की वजह से फिलहाल तो यह योजना मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
रविवार को सरकंडा अशोक विहार अटल आवास के पास मिशन अमृत योजना के लिए खोदे जा रहे गड्ढे में मिट्टी से दबकर एक मजदूर की मौत हो गई वही दूसरा मजदूर किसी तरह बचाया गया, जिसका इलाज जारी है। बिलासपुर में सीवरेज परियोजना के दौरान ढेरों हादसे हुए और 18 से अधिक जानें गई। लगता है हमने सीवरेज परियोजना से कोई सबक नहीं लिया, इसलिए मिशन अमृत योजना भी उसी रास्ते पर जाता नजर आ रहा है। खुटाघाट जलाशय से बिलासपुर तक पानी लाकर सप्लाई करने की योजना के तहत इन दिनों एक तरफ जहां शहरी क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है ,वही खुटाघाट से अशोकनगर ट्रीटमेंट प्लांट तक भी पाइप लाइन बिछाई जा रही है ,जिसके लिए गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। मुंबई की इंडियन ह्यूमस पाइप को मिशन अमृत परियोजना का ठेका दिया गया है। लेकिन यह कंपनी भी बगैर सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों से काम करा रही है। नतीजतन वही हुआ जिसका अंदेशा था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे गड्ढे में उतर कर काम कर रहे दो मजदूरों के ऊपर अचानक ऊपर मौजूद मिट्टी धंस कर गिर गई ,जिस वजह से दोनों मजदूर मिट्टी में दब गए। आसपास प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे देखा और तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। इसी बीच पुलिस को भी सूचना दे दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और मजदूरों की सहायता से किसी तरह मिट्टी में दबे दोनों मजदूरों को निकाला गया ,जिसमें से दबने की वजह से एक मजदूर संदीप चौधरी की मौत हो गई ।वहीं दूसरा बुरी तरह जख्मी हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस दौरान ठेका कंपनी के अफसर मौके से नदारद रहे। मिशन अमृत परियोजना शहर के लिए जीवनदायी साबित होगी लेकिन ठेका कंपनी की लापरवाही की वजह से फिलहाल तो यह योजना मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
