
रमेश राजपूत

रायपुर – कोरोना जो मनुष्य जीवन के लिए अभिशाप बन चुका है जिससे कब छुटकारा मिलेगा ये किसी को पता नही है। कोरोना के चलते सभी परेशान है। वही कोरोना को देखते हुए कई बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था, जिनकी वापसी के दौरान रायपुर सेंट्रल जेल में पैरोल से लौटे चार बंदियों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आ गई, जिससे यहां हड़कंप मच गया है। वही पॉजिटिव पाए गए संक्रमितों का इलाज सेंट्रल जेल के अंदर बनाए गए कोविड-19 वार्ड में चल रहा है।बतादें पैरोल की तिथि समाप्त होने के बाद 31 दिसंबर और एक जनवरी को तकरीबन 150 बंदी जेल लौटे और जब उनका कोरोना टेस्ट हुआ तो उनमें से चार बंदियों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आ गई जिससे जेल प्रशासन में सकते में आ गया है। गौरतलब है कि मार्च से नवंबर तक रायपुर जेल से 3,224 बंदी पैरोल में छोड़े गए थे। पैरोल की तारीख खत्म होने के बाद लौटने वाले बंदियों ने जेल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश भर से 20 हजार बंदी पैरोल में छोड़ गए थे। कोरोना काल से ही जेल प्रशासन लगातार सतर्क है। प्रत्येक दिन आने वाले कैदी और बंदियों की पहले कोरोना जांच होती है। उसके बाद ही उन्हें अंदर भेजा जाता है। सेंट्रल जेल रायपुर में कोविड-19 के आठ वार्ड बनाए गए हैं, जिसमें कोरोना पाजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है। वही पैरोल मामले में रायपुर सेंट्रल जेल के डीआइजी केके गुप्ता ने बताया कि जेल प्रशासन ने कोरोना पाजिटिव बंदियों के इलाज की पूरी तैयारी कर रखी है। जेल परिसर में ही आठ कोविड-19 वार्ड बनाए गए हैं, जहां पैरोल से लौटे चार कोरोना पाजिटिव बंदियों का इलाज शुरू कर दिया गया है।