
जुगनू तंबोली
रतनपुर – छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी रतनपुर में वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या अब इतिहास बनने वाली है। 78 करोड़ रुपये की लागत से “अमृत मिशन” योजना का शुभारंभ हो चुका है, जो नगर की 35 हजार से अधिक आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएगा। नगरपालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप की पहल पर शुरू हुई इस योजना को केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि सम्मान और सुविधा का प्रतीक माना जा रहा है। कश्यप का कहना है, यह सिर्फ प्रोजेक्ट नहीं, रतनपुर के हर नागरिक के अधिकार की पूर्ति है। अब कोई मां अपने बच्चे को प्यासा नहीं सुलाएगी।”
योजना के प्रमुख बिंदु:
4 ओवरहेड वॉटर टैंक का निर्माण
आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट और रीक्लेमेशन प्लांट
हर वार्ड तक नई पाइपलाइन
तकनीकी निगरानी से नियमित जल आपूर्ति
वार्ड क्रमांक 1 के जोगी अमराई से कार्य की शुरुआत हो चुकी है, जहाँ काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। रतनपुर की बुजुर्ग शांति बाई भावुक होकर कहती हैं, सारा जीवन पानी के लिए संघर्ष में निकला। अब लगता है भगवान ने हमारी पुकार सुन ली। 2011 में रतनपुर की जनसंख्या 25,000 थी, जो अब 35,000 से अधिक हो गई है, लेकिन जल आपूर्ति की पुरानी व्यवस्था वही रही।
अमृत मिशन के तहत अब यह स्थिति बदलेगी आधुनिक, टिकाऊ और हर घर तक जल पहुंचाने वाली। जनता में उम्मीद और राहत की लहर है। वार्ड 1 के तिरथ पाव कहते हैं, अब चैन की नींद आएगी। बच्चों को पानी के लिए स्कूल नहीं छोड़ना पड़ेगा। अब रतनपुर न केवल आस्था की नगरी रहेगा, बल्कि जल प्रबंधन का उदाहरण भी बनेगा। हर नल से बहता अमृत, हर दिल की प्यास बुझाएगा यही है रतनपुर की नई पहचान।