
रमेश राजपूत

बिलासपुर – जिले में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने बिलासपुर पुलिस चाहे लाख जतन करले पर अपराधी वारदात को अंजाम दे ही देते है, वही शुक्रवार को कार का शीशा तोड़कर सवा लाख रु की उठाईगिरी की घटना सामने आई, लेकिन कुछ ही घंटों में उठाईगिरी करने वाले 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ये लोग तमिलनाडु, बिहार, और महाराष्ट्र के रहने वाले है और अपनी महिला साथियों के साथ रेलवे क्षेत्र में रुके थे, जो गिरोह बनाकर अलग अलग इलाकों में उठाईगिरी की घटना को अंजाम देते थे। जिन्हें पुलिस की सक्रियता से हिरासत में ले लिया गया है। जिला पुलिस ने इस मामले में गिरोह का पर्दाफाश करते हुए खुलासा करते हुए पत्रवार्ता में बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी अलग-अलग समूह बनाकर खड़ी कार के शीशे को तोड़ कर घटना को अंजाम देते थे,

जिनके पास से नगद रकम एवं लेपटॉप बरामद किया गया है। आपको बता दें टिकरापारा दयालबंद निवासी ऋषि केसरी को ईंट भट्ठा में काम करने वाले मजदूरों का पमेंट करना था, जिसके लिए वे शुक्रवार की शाम गांधी चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक गए थे। जहाँ से उन्होने लेबर पमेंट के लिए करीब सवा लाख रुपए निकाला, और फिर रुपयों को काले रंग के बैग में रखकर कार की सामने की सीट में रखने के बाद अपने दोस्त यतीश गोयल के यहां शादी समारोह में शामिल होने शिव टॉकीज चौक के पास स्थित जगन्नाथ मंगलम भवन पहुंचे, और बाहर इनोवा कार को खड़ा कर अंदर चले गए. पर जैसे ही ऋषि केसरी अंदर पहुंचे। इसी बीच पहले से घात लगे बैठे अज्ञात बदमाशों ने कार के दरवाजे का शीशा तोड़कर कार के अंदर रखे रूपयों से भरा बैग से कैश निकाल कर फरार हो गए।

वही करीब आधे घंटे बाद जब ऋषि केसरी शाम करीब 6 बजें वापस जाने के लिए कार के पास पहुंचे, तो उनके होश उड़ गए उन्होंने देखा कि कार का शीशा टूटा हुआ था और अंदर से बैग में रखे रुपए गायब थे। जिसके बाद उन्होंने उठाईगीरी की घटना की जानकारी पुलिस को दी वही सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच जांच में जुट गई और चंद घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों ने इंदु चौक के पास भी एक उठाईगिरी की घटना को अंजाम दिया था, जिसमे लैपटॉप और बैग शामिल है।