
रमेश राजपूत

जांजगीर चाम्पा – अपराधी तत्वों पर नकेल कसने अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने एवं आपराधियों की धर पकड़ हेतु पुलिस अधीक्षक पारुल माधुर के निर्देशन में कार्यवाही करते हुए थाना में दर्ज मर्ग की सुक्षमता से जांच करते हुए पाया गया कि घटना दिनांक 05.12.2020 को प्रकरण के आरोपी शिवप्रकाश चंदे पिता रामलाल बंदे उम्र 26 वर्ष निवासी भैसो भांठापारा और तुलेश्वर दिवाकर पिता बेदराम रत्नाकर उग्र 22 वर्ष निवासी भैसों भांठापारा थाना पामगढ़ जिला जांजगीर चाम्पा ( छ.ग. ) द्वारा अपने साथी भुपेन्द्र कुर्रे एवं नरेन्द्र कुर्रे पवन दिवाकर व सम्मी सागर निवासी भैसों को तुलेश्वर दिवाकर के घर पर दारू मुर्गा की आयोजित पार्टी में बुलवाया गया था मुर्गा पार्टी बाद सभी अपने अपने घर चले गये बाद में तुलेश्वर ने मृतकः भूपेन्द्र कुर्रे व उनके भाई नरेन्द्र कुर्रे को उनके घर से

बुलाकर भगोलवा तालाब के पास पम्प के किनारे ले गया वहां पर नरेन्द्र को तुलेश्वर ने 50 रु . देकर पानी पाउच गुटका डिस्पोजल लेने दुकान भेज दिया इसी दौरान दोनो आरोपी भूपेन्द्र को मृत्यु करने के नियत से सलफास की गोली हाजमा कहकर खिला दिया जिसके कारण भूपेन्द्र छटपटाने लगा फिर तुलेश्वर ने उनके पिता विनेश कुमार कुर्रे को बुलाया भूपेन्द्र को सीएचसी अस्पताल पामगढ़ लाया जहां डॉक्टर द्वारा मृत्यु घोषित कर सूचना थाना पामगढ़ में मर्ग कायम कर पंचनामा कार्यवाही किया गया पी एम रिपोर्ट में सस्पेक्ट पायजनींग लेख किया गया तथा डॉक्टर द्वारा प्रीजर्व लेख किया गया । विसरा परीक्षण में मृतक के बिसरा में एल्युमिनियम फास्फेट जहर होना लेख है विवेचना से दोनों आरोपियों द्वारा मृतक भूपेन्द्र को पुराने रंजीश के कारण सलफास की गोली खिलाकर मृत्यु करना पाये जाने से थाना पामगढ़ में अपराध धारा 302 , 34 भादवि कायम कर विवेचना किया गया ।

विवेचना के दौरान आरोपियों से पूछताछ किया गया जो अपराध कबुल किया गया । सलफास की डिब्बा को घटना स्थल के पास से आग पेड़ के पास कचड़ा के अंदर एक काला रंग के पालीथीन में समेट कर छिपा देना स्वीकार करने से मेमोरण्डन के आधार पर निशान देही पर सलफास की डिबीया दो टेबलेट जप्तकर आरोपियों को गिरप्तारीकरण बता कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुरी विवेचना कार्यवाही में थाना प्रभारी के पी टण्डन , उप निरीक्षक एस . के शर्मा , सहा उप निरी . बी एस राजपूत , सहा . उप निरी , मनसाराम भगत आर , महेन्द्र राज , सैनिक चन्द्रशेखर प्रधान , अनिल दिनकर का योगदान रहा ।