
उदय सिंह
मस्तूरी- कोयला लोड गाड़ियों को रास्ते मे ही कोल डिपो में ले जाकर लोड कोयले में जीरा गिट्टी और डस्ट मिलाकर कोयले की कालाबाज़ारी के इस खेल में लाखों कमाने वालो में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में गुंडागर्दी और जान से मारने की धमकी देने वाले एक आरोपी को एफआईआर के आधार पर मस्तूरी पुलिस ने बिलासपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दरअसल जयरामनगर भनेसर में संचालित पावर सिटी प्राइवेट लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर चंद्रपाल बघेल ने थाने में शिकायत की थी कि उनकी कंपनी का जो कोयला कुसमुंडा कोरबा से परिवहन कर लाया जाता है उसमें अफरा तफरी की जा रही थी। 10 सितंबर को ऐसे ही एक ट्रेलर को डिपो के भीतर पहले जांच में पकड़ा गया जिसमें कोयले की जगह जीरा गिट्टी और डस्ट को मिलाया गया था भरा था, वही 11 सितंबर को भी एक ट्रेलर में यही मिलावट जांच में पाया गया। इस दौरान जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि बिलासपुर के रामजीत सिंह द्वारा कोरबा से भनेसर के बीच अपने कोल डिपो में ले जाकर कोयले कि अफरा तफरी की गई है, इसलिए दोनों ट्रेलर को प्लांट में ही खड़ी करा जांच करवाई जा रही थी,
इसी बीच रामजीत सिंह के बेटे राजू सिंह ने प्लांट में आकर दोनों वाहनों को छुड़ाने दबाव बनाया जाने लगा और धमकी दी जाने लगी वही रामजीत सिंह द्वारा फोन पर गोली मारने की धमकी दी गई, जिससे परेशान ब्रांच मैनेजर ने मस्तूरी में एफआईआर दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले में एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी ने एक आरोपी राजू सिंह को अज्ञेय नगर से गिरफ्तार कर लिया है जिसे रिमांड पर जेल भेज दिया है वही दूसरे आरोपी रामजीत सिंह की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
सबसे बड़ा कोयले के कालाबाज़ारी का काम
पूरे संभाग में आज यह कोयले का अवैध कारोबार किसी बड़े पैमाने पर किये जाने वाला काले धन का सबसे बड़ा काम बन चुका है, जिसमे शासन, प्रशासन के अलावा पुलिस की भूमिका से इंकार नही किया जा सकता। बड़े स्तर पर इसके लिए फील्डिंग की जाती है और रास्ते मे ए ग्रेड के कोयले को बदलकर मुनाफा कमाया जाता है, जिसका हिस्सा सभी मे बंटता है।