छत्तीसगढ़बिलासपुर

बिलासपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा भगवान भरोसे, सोमवार रात स्टॉल में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा की खामियां उजागर

बिलासपुर मंडल को सोमवार की घटना से सबक लेते हुए सुरक्षा उपायों के साथ विधुत व्यवस्था को दुरुस्त रखने चाहिए जिससे आगे इस तरह की घटना का सामना न करना पड़े

बिलासपुर आलोक अग्रवाल

सोमवार की रात बिलासपुर रेलवे स्टेशन के स्टाल में आगजनी की घटना के बाद बिलासपुर रेल मंडल के अधिकारी लगातार स्टेशन का निरीक्षण कर स्टालों में मौजूद विधुत कंनेक्शन को दुरुस्त करवा रहे है। वही मंडल के अंतर्गत आने वाले अन्य स्टेशनों में भी सुरक्षा के इंतजामो का जायजा ले रहे है। लेकिन बिलासपुर रेलवे स्टेशन जोनल मुख्यालय का प्रमुख रेलवे स्टेशन होने के बाद भी यहाँ आग से निपटने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नही है। वही मंडल के अधिकारी रेलवे की गलती को छुपाने के प्रयास कर रहे है।
भारतीय रेलवे से प्रतिदिन करोड़ो की संख्या में यात्री सफर कर अपने निर्धारित स्थान तक पहुचते है। इस दौरान ट्रेनों के ठहराव के लिए रेलवे के द्वारा स्टेशन बनाए गए है। जहाँ यात्रियों के लिए खाने पीने के स्टाल उपलब्ध रहते है। परंतु सोमवार की रात बिलासपुर रेलवे स्टेशन इन स्टाल की वजह से ही बड़ा हादसा का कारण बन सकता था। अगर समय रहता उस पर काबू नही पाया गया होता। दरअसल सोमवार को स्टेशन में मौजूद स्टाल में अचानक शार्ट सर्किट होने की वजह से आग लग गई। हालाँकि आग स्टेशन के दूसरे क्षेत्रों में पहुँचती उससे पहले ही आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन इस घटना से रेल प्रशासन की कई कमियां सामने आई है। जिस पर रेल प्रबंधन को ध्यान देने की जरूरत है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन को ए श्रेणी के स्टेशन का दर्जा प्राप्त है। लिहाज़ा यह सुरक्षा के पर्याप्त उपाय होने जरूरी है। परंतु बिलासपुर रेल मंडल की लापरवाही इस कदर हावी है। कि अगर स्टेशन में किसी दिन भयानक आग लग जाये तो उसे बुझाने के लिए कोई इंतेज़ाम नही है। ए श्रेणी के स्टेशनों में फायर एक्ससस्टिंग सिस्टम का होना अनिवार्य है। लेकिन मंडल के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से स्टेशन में अब तक यह सिस्टम लग नही पाया है।

हालाँकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से तत्कालीन आग पर काबू पाने वाले छोटे फायर सिस्टम के साथ रेत से बहती बाल्टियां जरूर रखी गई है। परंतु बड़े आग पर फायर एक्ससस्टिंग सिस्टम ही काबू पा सकता है। जिसके लिए बिलासपुर मंडल ध्यान नही दे रहा। इसके अलावा रेलवे के पास खुद का फायर स्टेशन भी नही है। विगत 35 वर्षों से जिला प्रशासन और अन्य शासकीय संस्थानों के सहयोग से फायर स्टेशन का उपयोग रेलवे के द्वारा किया जा रहा है। इस संबंध में जब बिलासपुर मंडल के सीनियर डीसीएम से पूछा गया। तो उन्होंने बताया कि आगजनी की घटना के बाद स्टेशन में मौजूद समस्त स्टालों में रेलवे के अधिकारी विधुत कंनेक्शन की चेकिंग कर रहे है। वही स्टेशन के अंदर और बाहर पार्किंग वाले स्थान पर भी छोटे फायर एक्ससस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए है। इस अलावा समस्त स्टेशनों में सुरक्षा के लिए किए गए इन्तेज़ामो कि जानकारी भी मंगाई जा रही है। हालाँकि प्रस्ताव के बाद भी स्टेशन में फायर एक्ससस्टिंग सिस्टम का न होना पर अधिकारी ने समस्त व्यवस्था दुरुस्त होने की बात कही।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में कुल 28 से 30 स्टाल संचालित हो रहे है। वही जनआहार सहित होटल भी संचालित हो रहे है। ऐसे में किसी दिन बड़ी आगजनी हो जाती है तो स्टेशन में बड़ा नुकसान हो सकता है। लिहाज़ा बिलासपुर मंडल को सोमवार की घटना से सबक लेते हुए सुरक्षा उपायों के साथ विधुत व्यवस्था को दुरुस्त रखने चाहिए जिससे आगे इस तरह की घटना का सामना न करना पड़े।

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