
मुख्यतः राजपूत युवाओं का यह संगठन देश भक्ति और राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्पित है

ठा. उदय सिंह
वैसे तो श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का गठन सन 2006 में किया गया था लेकिन राष्ट्रीय पटल पर इस की धमक फिल्म पद्मावत के विरोध के दौरान सुनाई पड़ी ।राष्ट्रीय एकता और भ्रष्टाचार के विरोध में गठित राजपूत युवकों का यह संगठन धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ में भी विस्तार ले रहा है। लगातार बैठकों के दौरान नए सदस्यों को जोड़कर आगामी कार्य योजना की रूपरेखा तय की जा रही है । इसी सिलसिले में गुरुवार को जांजगीर चाम्पा जिले में भी श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष तथा संभाग प्रमुख महेंद्र प्रताप सिंह राणा, संयोजक नयन सिंह परिहार,संभाग सचिव बीपी सिंह और जांजगीर जिले के अध्यक्ष धर्मेंद्र राणा, युवा जिला अध्यक्ष देवराज सिंह के अलावा सभी पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।। आगामी दिनों में करणी सेना द्वारा कई आयोजनों में भाग लिया जाएगा और कई आयोजन संपन्न किए जाएंगे। जिसकी रूपरेखा यहां तय की गई। आगामी 28 अप्रैल को सेना द्वारा परिचय एवं मार्गदर्शन सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा , इसकी रूपरेखा यहां तय की गई ,वहीं जिले के भूतपूर्व सैनिक शहीद परिवारों के सम्मान के साथ समाज के सफल वरिष्ठों द्वारा युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन किया जाएगा। 28 अप्रैल के ही कार्यक्रम के दौरान समाज के टेलिफोन डायरेक्टरी तथा पता निर्देशक किताब का विमोचन होगा जिसमें जिले के सभी राजपूत परिवारों का वास्तविक पता और टेलीफोन नंबर अंकित होगा ।वहीं संगठन को मजबूत करते हुए नए सदस्यों को जोड़ने पर भी यहां बल दिया गया। मुख्यतः राजपूत युवाओं का यह संगठन देश भक्ति और राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्पित है। देश विरोधी सभी गतिविधियों के खिलाफ विरोध के संकल्प के साथ गठित इस संगठन में सभी जिलों में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नियुक्त किया जा रहा है, जिससे कि संगठन बेहतर रूप से संचालित हो।