
अब भी मामले में एक आरोपी विमलेश सिंह फरार है। जिसे भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा पुलिस कर रही है

बिलासपुर मोहम्मद नासिर
बिलासपुर के फदहा खार के चर्चित गोली कांड का एक फरार आरोपी करीब साल भर बाद पकड़ा गया है। आपको याद दिला दें कि 10 अप्रैल 2018 को फदहा खार में प्रभुनाथ सिंह के प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में सुपरवाइजर के पोस्ट पर काम करने वाले शंकर प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस काफी वक्त तक इस मामले में उलझी रही। लेकिन जांच में पता चला कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता और पैसों की गड़बड़ी की वजह से एजेंसी के संचालक प्रभुनाथ सिंह ने ही सुपारी किलर से शंकर की हत्या करवाई थी। इस मामले में पुलिस ने 24 अप्रैल 2018 को मिथिलेश सिंह उर्फ बबलू और गोलू उर्फ अनूप कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर लिया था। जिन के बयान के बाद 25 जून को हरीश पासवान और 30 जून को मुख्य आरोपी प्रभुनाथ सिंह को गिरफ्तार किया गया था लेकिन इसके बाद भी सुपारी लेकर हत्या करने वाला बाबू पांडे उर्फ घनश्याम उपाध्याय और विमल उर्फ विमलेश सिंह फरार थे। पुलिस लंबे वक्त से पूरब टोला मनियर बलिया निवासी बाबू पांडे की तलाश कर रही थी। लेकिन मामला धीरे धीरे ठंडे बस्ते में जा रहा था। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुराने पेंडिंग मामलों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी मैं जब एसपी अभिषेक मीणा ने कसावट लाई तो एक बार फिर से नई पुलिस टीम का गठन किया गया। जिसने पता किया कि बाबू पांडे अपने ससुराल में छुपा बैठा है। सूचना मिलने के बाद टीम बलिया के लिए रवाना हुई ।इन दोनों आरोपियों के लिए पहले से ही पुलिस ने दो -दो हज़ार का इनाम घोषित कर रखा था। फिर भी दोनों की गिरफ्तारी मुमकिन नहीं हो पा रही थी । बिलासपुर से पहुंची टीम ने बलिया उत्तर प्रदेश के स्थानीय पुलिस की मदद से बाबू पांडे उर्फ घनश्याम उपाध्याय को उसके बलिया स्थित ससुराल से धर दबोचा,जिसे यहां कोर्ट में पेश किया गया। अब भी मामले में एक आरोपी विमलेश सिंह फरार है। जिसे भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा पुलिस कर रही है।