
बसपा द्वारा भी भीतर घात किए जाने से अजीत जोगी अंदर तक टूट चुके हैं, इसीलिए ना तो अजीत जोगी लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और नहीं उन्होंने अपने बेटे अमित जोगी को ही मैदान में उतरने का अवसर दिया
बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की तीसरी ताकत बनने के दावे के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने जब छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस का गठन किया तो लोगों की उम्मीदें आसमान छूने लगी थी। फिर जोगी की पार्टी ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन किया तो लोगों को लगा कि इस बार अगर पार्टी सत्ता में ना भी आई तो भी किंग मेकर की भूमिका में तो होगी ही। लेकिन विधानसभा चुनाव के नतीजे ने पार्टी का के पांव तले से जमीन खिसका दी।विशाल जनाधार की बातें भी हवा हवाई साबित हुई। जिसके बाद से एक एक साथी साथ छोड़ने लगे।इधर छत्तीसगढ़ जोगी कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है,लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले लगातार अजीत जोगी दावे कर रहे थे कि लोकसभा चुनाव भी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस और बसपा साथ मिलकर लड़ेगी। लेकिन जिस तरह बिना भरोसे में लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ने 8 लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी तभी से इस गठबंधन पर सवालिया निशान लगने लगे थे। हाल ही में यह खबर भी आई कि अजीत जोगी कोरबा से और उनके विश्वस्त सिपहसालार धर्मजीत सिंह बिलासपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। लेकिन इन दावों को खुद धर्मजीत सिंह ने खारिज किया । वहीं धर्मजीत सिंह के भी कांग्रेस प्रवेश की अटकलें तेज हो थी रही है। लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि करीब आती जा रही है और अब तक जोगी कांग्रेस ने एक भी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है। इसलिए सस्पेंस बढ़ता जा रहा था। आखिरकार यह भी स्पष्ट हो गया कि अब कोरबा, बिलासपुर और रायपुर से भी बहुजन समाज पार्टी ही अपने प्रत्याशी उतारेगी। यह सभी 4 अप्रैल को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। हालांकि ना तो जोगी कांग्रेस और ना ही बसपा ने इसका औपचारिक ऐलान किया है , लेकिन सभी लोकसभा क्षेत्रों से बसपा उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र लेकर इस बात पर मुहर लगा दी है ।बताया जा रहा है कि बिलासपुर से सतनामी समाज के गुरु उत्तम दास गुरु गोसाई लोकसभा का चुनाव बसपा की टिकट पर लड़ेंगे ,तो वही कोरबा से बसपा प्रत्याशी परमीत सिंह होंगे ।रायपुर से बसपा का टिकट के जी टंडन या फिर खिलेश्वर साहू में से किसी एक को मिल सकता है। इससे पहले पार्टी ने 8 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान पहले ही कर दिया था। मायावती की पार्टी से जांजगीर चांपा से दाऊ राम रत्नाकर, सरगुजा से माया भगत, रायगढ़ से इनोसेंट कुजूर, दुर्ग से गीतांजलि साहू कांकेर से सूबे सिंह धुर्वे, बस्तर से आयतु राम मंडावी ,राजनांदगांव से रविता लकड़ा और महासमुंद से धन सिंह कोसरिया को पहले ही टिकट दिया जा चुका है। एक तरफ जहां बहुजन समाज पार्टी सभी 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहीं अजीत जोगी ने चुनाव मैदान में न उतर कर विरोधियों को पहले ही वॉक ओवर दे दिया है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में मिली पराजय से पार्टी की कमर बुरी तरह टूट चुकी है। और अब उसमें चुनाव लड़ने तक की क्षमता बची नहीं है ।वहीं बसपा द्वारा भी भीतर घात किए जाने से अजीत जोगी अंदर तक टूट चुके हैं, इसीलिए ना तो अजीत जोगी लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और नहीं उन्होंने अपने बेटे अमित जोगी को ही मैदान में उतरने का अवसर दिया ।इसी के साथ अजीत जोगी की पार्टी के अस्तित्व पर भी सवालिया चिन्ह लगने लगा है।