
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – मंगलवार से प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है। इससे राज्य के सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित होने लगी है। लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने के बाद भी इसपर सुनवाई नहीं हुई तो कर्मचारियों ने जनता से माफी मांगते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। इसका असर मंगलवार को बिलासपुर जिले के शासकीय हॉस्पिटलों में भी देखने को मिला। जहा हॉस्पिटल पहुंचे अंचल के जर्नल मरीजों को स्टाफ नही होने के वजह से इलाज नहीं हो सका। सिम्स और जिला अस्पताल में भी अधिकांश मरीज बिना इलाज के ही मायूस होकर वापस लौट गए। दरअसल छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले छत्तीसगढ़ राज्य के सभी कैडर के स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी 24 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अमरु साहू ने कहा है कि केंद्रीय वेतनमान प्रदान करने, पुलिस विभाग की भांति वर्ष में 13 महीने का वेतन देने, गृह भाड़ा भत्ता, केंद्र के समान महंगाई भत्ता, सहित 24 सूत्रीय मांगे शामिल हैं। जिसको लेकर वह सालो से संघर्ष कर रहे हैं। जिसके बाद भी राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर कोई सुध नहीं लिया है जिससे मजबूरन उन्हें आंदोलन का रुख अख्तियार करना पड़ा है। इस दौरान कार्यकारिणी प्रांत अध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल हॉस्पिटलों में अभी आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं किया गया है लेकिन आगामी दिनों में अगर राज्य सरकार उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लेती है तो वह आपातकालीन सेवाओं को बंद करने के लिए बाध्य होंगे।