
अपने बिलासपुर प्रवास को सार्थक बताते हुये उन्होंनें कहा कि बिलासपुर के टीम वर्क से काफी कुछ सीखा जा सकता है
बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
एक कुशल नर्स बनने के लिये केवल त्याग की भावना होना ही काफी नहीं है अच्छी नर्स बनने के लिये अच्छी ट्र्ेनिंग और काफी तर्जुबा भी होना जरूरी है। ये बात सच है कि एक मरीज का इलाज डॉक्टर करता है मगर उस मरीज की देखभाल नर्स करती है। वो मरीज के सिर्फ बाहरी जख्मों पर ही नहीं बल्कि उसके अंदरूनी जख्मों पर भी मरहम लगाती है। ये बातें अपोलों अस्पताल समूह के ग्रूप नर्सिंग निदेशक कैप्टन उषा बैनर्जी ने कहीं। इस अवसर पर डॉ सजल सेन, सी ओ ओ अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर भी उपस्थित रहे।दो दिवसीय यह प्रवास मुख्य रूप से अधिकारियों एवं चिकित्सकों के साथ औपचारिक भेंट एवं मुख्य रूप से नर्सिंग सेवाओं की गुणवत्ता पर र्केन्द्रत था। हॉस्पिटल विजिट के साथ प्रारंभ कर उन्होंने नर्सिंग इचार्जेस एवं विभागाध्यक्षों को यथाउचित दिशानिर्देश दिये। अपने व्यक्तव्य के दौरान एक अच्छी नर्स के गुणों को बताते हुये उन्होंने कहा कि एक नर्स में मरीज के दर्द और तकलीफ को समझने की काबिलियत होनी चाहिए
और दिल से उसकी मदद भी करनी चाहिये। इतना ही नहीं बल्कि एक नर्स को अपने पेशे के बारे में और ईलाज के नये नये तरीकों के बारे में हमेशा सीखते रहने की जरूरत है। कुछ ऐसे गुण है जिनके बिना एक नर्स काम नही कर सकती जैसे की हालात के हिसाब से खुद को ढाल लेना, धीरज और सहनशीलता से काम लेना। एक नर्स को दूसरों की सलाह मानने के लिये भी तैयार रहना चाहिये। एक नर्स का स्वभाव दोस्ताना होना चाहिये। अपने बिलासपुर प्रवास को सार्थक बताते हुये उन्होंनें कहा कि बिलासपुर के टीम वर्क से काफी कुछ सीखा जा सकता है