
उदय सिंह

मस्तूरी क्षेत्र के मल्हार जवाहर नवोदय विद्यालय में कुप्रबंधन की बातें लगातार सामने आती रही है । मंगलवार को शून्यकाल के दौरान बिलासपुर सांसद अरुण साव ने इस मुद्दे को उठाया। मल्हार में मौजूद जवाहर नवोदय विद्यालय में करीब 500 बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं ।

इस आवासीय विद्यालय में यूं तो सरकार द्वारा सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है लेकिन स्कूल प्रबंधन की मनमानी और लापरवाही के चलते बच्चों का जीवन नर्क बना हुआ है। इस वक्त यहाँ करीब 100 बच्चे बीमार है । पिछले महीने 14 जुलाई के आसपास लगातार बच्चे उल्टी दस्त और बुखार के शिकार हुए थे। जिसके बाद मामला सुर्खियों में आया। इस मामले के कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों से भी जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य सुरेश चंद्र और अन्य शिक्षक भिड़ गए थे। जिस कारण से उनके खिलाफ पत्रकारों ने भी मोर्चा खोल दिया था।

लेकिन अब यह मुद्दा संसद में भी गूंजने लगा है। मंगलवार को शून्यकाल में यह प्रश्न उठाते हुए बिलासपुर सांसद अरुण साव ने जानकारी दी कि जवाहर नवोदय विद्यालय में वर्तमान में 500 में से करीब 100 बच्चे बीमार है। जिससे यहां के कुप्रबंधन को समझा जा सकता है। इस आवासीय विद्यालय में ना तो पीने के लिए शुद्ध पेयजल है, न हीं सोने को बिस्तर और खाने को अच्छा खाना है। इस कारण यहां बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं और प्राचार्य के साथ स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी पर अड़ा हुआ है ।
ना तो वे जनप्रतिनिधियों की सुनते हैं और ना ही जिला प्रशासन का ही कोई जोर उन पर है। लिहाजा इस आवासीय विद्यालय के बच्चे स्कूल छोड़कर जाने की तैयारी में हैं ,जबकि जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों को ऐडमिशन बड़ी मुश्किल से मिल पाता है। कभी जवाहर नवोदय विद्यालय की ख्याति दूर-दूर तक हुआ करती थी लेकिन मौजूदा प्राचार्य और कुप्रबंधन के चलते इसकी साख लगातार गिर रही है। इसीलिए बिलासपुर सांसद ने सदन में इस मुद्दे को उठाकर व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
