
जुगनू तंबोली

रतनपुर – जिला प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं मशीनों से काम कराया जा रहा है तो कहीं सरपंच , रोजगार सहायक द्वारा फर्जी मस्टर रोल तैयार करने की शिकायतें मिल रही हैं। ताजा मामला बिल्हा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवीडीह का है जहाँ सरपंच महेश्वरी कश्यप के पति अरुण कश्यप व सचिव के फर्जी मस्टर रोल भरने को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच के घर का घेराव कर नारेबाजी की साथ ही रोजगार सहायक को हटाने की बात कही। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच पति व रोजगार सहायक के द्वारा मिली भगत कर अपने घर के सदस्यों व परिचितों का जो आज तक कोई भी कार्य नहीं किया है। सभी का फर्जी मस्टररोल तैयार कर राशि आहरण कर शासन की योजनाओं को पलीता लगाने की तैयारी की जा रही है।

वही ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच पति के द्वारा अपनी बेटी को ही रोजगार गारंटी के तहत तालाब में चल रहे गहरीकरण का मेट बनाया गया है साथ ही सरपंच पति के द्वारा आने वाले ग्रामीणों से स्वयं के ईटभट्टा में काम कराकर उसका भुकतान मनरेगा के तहत कराया जा रहा है जिसका ग्रामीणों ने जमकर विरोध भी किया ।
पूर्व में भी की गई थी शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच पति व रोजगार सहायक द्वारा पूर्व में भी मनरेगा के तहत वर्ष 2020 में स्वीकृत तालाब गहरीकरण में लोगों का फर्जी मस्टररोल तैयार कर राशि का आहरण किया गया था। जिसकी शिकायत ग्रामीणो के द्वारा बिलासपुर कलेक्टर से भी किया गया था। लेकिन विभागीय कार्यवाही नहीं होने से सरपंच पति व सचिव के हौंसले बुलंद है, और गांव में गंदी राजनीति कर रहै है। यहां तक की पंचायत के जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर लड़ा रहे है, जिससे गांव में तनाव व अशांति का माहौल बन रहा है। ग्रामीणों व शिकातकर्ताओं ने सरपंच व सचिव पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग विभागीय अधिकारियों से की है।