
फिलहाल तो पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है लेकिन पुलिस भी जानती है कि जेल से छूटने के बाद यह लोग वापस ईसी धंधे में लग जाएंगे

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
भारतीय सभ्यता से एक पिता अपने पुत्र को कामयाब देखना चाहता है और इसके लिए वह हमेशा उसे अच्छे मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। लेकिन इसी दुनिया में ऐसे भी बाप है जो खुद तो जरायम पेशे में लिप्त हैं और अपने बेटे को भी इसी राह का हमसफर बना लेते हैं। ऐसे ही एक शातिर बाप बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार किया। लाल खदान में रहने वाले दीपक गुप्ता और राजकुमार गुप्ता की पुलिस को लंबे वक्त से तलाश थी। इलाके में ऐसा कोई अपराध नहीं जो इन बाप बेटों ने नहीं की हो। ठगी ,पॉकेट मारी, उठाई गिरी ,लूट ,ट्रेनों में चोरी जैसी वारदातों को शातिर बाप-बेटे लंबे समय से अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनके पीछे मुखबिर को लगा रखा था, जिनसे सूचना मिली की अग्रसेन चौक के पास यह दोनों मोबाइल और लैपटॉप बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना के बाद सिविल लाइन पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी ने दोनों को धर दबोचा। पूछताछ में जब दोनों ने अपने कारनामों का बखान किया तो पुलिस की आंखें भी हैरानी से खुली की खुली रह गई। उन्होंने बताया कि दोनों ने बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़ ,उड़ीसा समेत कई रेल मार्गों में ट्रेनों में पॉकेट मारी, लूट उठाई गिरी और चोरी की है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों अपना शौक पूरा करने के लिए चोरी करते हैं और चोरी की कमाई को अय्याशी पर खर्च कर देते हैं इन दोनों के पास से पुलिस ने 22 मोबाइल और लैपटॉप बरामद किया है जिसकी कीमत तीन लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। अपने बेटे को अपराध की दुनिया में धकेलने वाला राजकुमार गुप्ता शुरू से ही अपराधी प्रवृत्ति का है। एक हत्या का इल्जाम भी उसके सर पर था, जिसमें वह जेल की हवा खा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने एक बार फिर अपने बेटे के साथ मिलकर अपराध की दुनिया में कदम रख दिया है, जो पुलिस के लिए भी चिंता का विषय है। फिलहाल तो पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है लेकिन पुलिस भी जानती है कि जेल से छूटने के बाद यह लोग वापस ईसी धंधे में लग जाएंगे।