
प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाने का स्मरण करते हुए क्रूस पर कही गई उनकी सात वाणियो का मनन गिरजा घरों में किया गया

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
शुक्रवार को मसीही समाज ने गुड फ्राइडे का पर्व मनाया। इसे भले ही गुड फ्राइडे पुकारा जाता हो लेकिन यह उनके लिए सबसे दुखदाई दिन है। जब प्रेम और सत्य का संदेश देने वाले प्रभु यीशु मसीह की लोकप्रियता से डर कर उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया था। प्रभु ने निस्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा का उदहारण देते हुए अपना बलिदान ही नहीं दिया बल्कि विरोधियों की सभी यातनाएं सही और उन्हें भी अंत समय में क्षमा कर दिया। 40 दिन तक दुख भोग सप्ताह में उपवास रखने के साथ विश्वासीयों के लिए यह उनके अंतिम संदेशों को याद करने का दिन भी है। वहीँ यह प्रभु यीशु के वचनों पर अमल करने का भी दिन है। प्रभु यीशु मसीह शुक्रवार को गिरफ्तार हुए,

जैतून पर्वत पर अंतिम प्रार्थना प्रभु ने शुक्रवार को की , प्रभु यीशु का अपमान कर उन पर मुकदमा शुक्रवार के दिन ही चलाया गया। निर्दोष होते हुए भी शुक्रवार को ही जीसस को क्रूस पर चढ़ा दिया गया। उसी का स्मरण करते हुए शुक्रवार को बिलासपुर के सभी गिरजाघरो में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन हुआ। सेक्रेट हार्ट चर्च से क्रूस यात्रा निकाली गई तो वही डिसाइपलऑफ क्राइस्ट और अन्य चर्चों में प्रभु द्वारा क्रूस पर कही गई सात वाणियो पर मनन किया गया।
मनुष्य को पाप से मुक्ति दिलाने के लिए संसार में आए प्रभु यीशु मसीह ने अपना बलिदान देकर विश्व कल्याण का संदेश दिया। उसी संदेश को एक बार फिर गुड फ्राइडे पर दोहराया गया। अगले रविवार को ईस्टर का पर्व मनाया जाएगा, जिस दिन प्रभु यीशु मसीह पुन जीवित हो उठे थे। पुनरुत्थान के इस पर्व को मनाने की तैयारी सभी गिरजाघरों में की जा रही है ।