
आकाश दत्त मिश्रा

कभी-कभी बहुत बुरे से भी अच्छे का सृजन होता है । मंगलवार को मुंगेली में ऊंट का नाली में गिर जाना शायद दुखद पहलू था , पर उसका सुखांत ऊंट के लिए नई जिंदगी लेकर आया है। आपको याद दिला दें, मंगलवार को मुंगेली बस स्टैंड के पास एक खुली नाली में एक ऊंट गिर गया था। दरअसल कुछ समय पहले खानाबदोश बंजारे ऊंट लेकर मुंगेली आए थे लेकिन उनमें से एक ऊंट के बीमार पड़ जाने के बाद वे उसे मुंगेली में ही छोड़कर चले गए थे। वही बीमार ऊंट नाली में गिर गया था। नगर निगम ने उसका रेस्क्यू किया ।

फिर यह सवाल उठने लगा कि इस ऊंट का किया क्या जाए । सत्याग्रह news.in ने भी इस मुद्दे को संवेदनशीलता से लेते हुए कहा था कि ऊंट को अगर नियमानुसार कानन पेंडारी भेजना संभव नहीं तो फिर उसे जंगल में छोड़ कर भी दर्दनाक मौत देना इंसानियत नहीं होगा। इसलिए बेहतर होगा कि उसको मुंगेली के विरान गार्डन में रखा जाए। सत्याग्रह news.in की बात को मुंगेली के वरिष्ठों ने ताकत दी और प्रेस क्लब अध्यक्ष अनिल सोनी , युवा नेता रोहित शुक्ला , समाजसेवी राजा ठाकुर और अन्य लोगों ने नगरपालिका मुख्य अधिकारी राजेंद्र पात्रे से बातचीत की और उन्हें इस मुद्दे पर राजी किया। इसके बाद शाम होते होते ऊंट को गार्डन में छोड़ दिया गया। गार्डन में सुरक्षित चारदीवारी है। इसलिए ना तो वह भाग जा पाएगा और ना ही कोई और उसे यहां नुकसान पहुंचा पाएगा। ऊंट का इलाज गार्डन में ही करने की योजना बनाई गई है , साथ ही उसके लिए एक शेड का भी निर्माण किया जाएगा।

कुल मिलाकर नाली में गिरना भले ही दुखद अनुभव था लेकिन बीमार ऊंट के लिए यह नवजीवन लेकर आया और उपेक्षित ऊंट को मुंगेली का स्नेह प्यार मिलने लगा। लोगों का कहना है अब तक जो गार्डन विरान रहा करता था, अब इसी ऊंट की वजह से वह गुलजार होगा और लोग ऊंट को देखने के लिए बड़ी संख्या में गार्डन पहुंचेंगे । जिससे धीरे-धीरे गार्डन की रौनक लौट आएगी।