
आकाश दत्त मिश्रा

मुंगेली में 4 साल बाद बाढ़ जैसे हालात बने हैं । खासकर हमेशा सुखी रहने वाली आगर उफन रही है ।पंडरिया और कुकदुर के जंगलों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश का असर यह हुआ कि रविवार सुबह से आगर नदी पाटो पाट बहने लगी।

जलस्तर इस कदर बढ़ा कि दाऊ पारा के पास स्थित पुराना पुल 4 साल बाद डूब गया। नए पुल तक भी पानी पहुंचने लगा है। बमुश्किल 2 से 3 फीट पानी नए पुल से नीचे नजर आ रहा है। अगर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश लगातार होती रही तो मुमकिन है कि पानी नए पुल के ऊपर से भी बहे ।

आगर में अचानक जलस्तर बढ़ने से जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। रविवार को अचानक आगर नदी में जलस्तर बढ़ा तो सूरी घाट तिलक वार्ड में सब्जी उगाने वाले 4 किसान परिवारों के घर डूब गए । अचानक उनके घर चारों ओर से पानी से घिरे नजर आए। जिसके बाद आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस और अप्रशिक्षित कर्मचारियों ने किसी तरह पानी में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया। मुंगेली में हालात खतरनाक स्तर पर है। सूरी घाट सहित सभी इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है । आसपास के कई किनारे वाले गांव भी डूबने का खतरा मंडरा रहा है लेकिन हैरानी इस बात की है कि जिला बनने के बावजूद अभी भी मुंगेली के पास बाढ़ से निपटने के लिए कोई भी संसाधन नहीं है।

हर एक जरूरत के लिए बिलासपुर जिले की ओर मुंह ताकना पड़ता है । रविवार को भी यही स्थिति रही। अधिकांश पुलिस बाढ़ में फंसे लोगों को बचाते नजर आए। मुंगेली में नहीं है जिसकी मांग एक बार फिर से की गई है। वहीं बिलासपुर से बोट और गोताखोर मंगाए जा रहे हैं। किसी ने शायद इसकी कल्पना भी नहीं की थी कि अधिकांश समय सुखी रहने वाली अगर नदी में अचानक इतना पानी आ जाएगा कि बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाएंगे। फिलहाल लबालब नदी के नजारे लेने के लिए भी लोग किनारों पर जुट रहे हैं।

वहीं पुलिस और प्रशासन लगातार नदी के जल स्तर पर नजर रखे हैं। साथ ही नदी के दोनों तटों पर बने मकानों को भी सतर्क रहने कहा गया है। बाढ़ की वजह से जहां सूरी घाट तिलक वार्ड में चार घर डूब गए वहीं एक मकान ढहने की स्थिति में भी है । लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।