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जोमैटो के खिलाफ बगावत पर उतरे डिलीवरी बॉय, लगातार शोषण का लगाया आरोप

डेस्क

जोमैटो और विवादों का लगता है गहरा नाता बन चुका है। लगातार विवादों में रहने वाली फूड डिलीवर कंपनी जोमैटो के कर्मचारी भी अब कंपनी की नीतियों के खिलाफ बगावत पर उतर आए हैं। हाल ही में एक ग्राहक को खाने और धर्म के बारे में प्रवचन देने के बाद कंपनी का सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुआ था। जिसके बाद कंपनी की नीतियों पर काफी कुछ बातें निकल कर सामने आई ।जोमैटो एप के जरिए जिन रस्टोरेंट का खाना ग्राहकों तक पहुंच रहा है वे रेस्टोरेंट भी कंपनी से खासे खफा हैं। उनका 40% मुनाफा कंपनी खुद ले रही है। प्रतिस्पर्धा के चलते रेस्टोरेंट्स उनके गुलाम बनते जा रहे हैं। रेस्टोरेंट के टेबल इन दिनों खाली रहते हैं । दावा किया जा रहा है कि जोमैटो फिलहाल लोगों के ऑर्डर का अध्ययन कर रहा है कि खास वर्ग को क्या खाने में पसंद है और किस डिश की डिमांड अधिक है। जल्द ही जोमैटो अपना किचन शुरू करने वाली है , जिसके बाद रेस्टोरेंट्स का बिजनेस आधा भी नहीं रह जाएगा। जोमैटो की नीतियां सिर्फ रेस्टोरेंट्स संचालकों के लिए ही घातक नहीं है । जोमैटो अपने डिलीवरी ब्वॉय के साथ भी नाइंसाफी कर रही है। रविवार को बिलासपुर में जोमैटो के डेढ़ सौ के करीब डिलीवरी ब्वॉय कंपनी के खिलाफ अग्रसेन चौक पर धरने पर बैठ गए ।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जोमेटो द्वारा बिलासपुर में 3 से 5 किलोमीटर सराउंड में फूड डिलीवरी करने के लिए साइकिल राइडर की भर्ती की गई है। जिन्हें साइकल पर ही आसपास ऑर्डर की डिलीवरी करनी होती है , लेकिन स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही के चलते साइकिल राइडर सिर्फ दिखावे के लिए ही साइकिल राइडर हैं जबकि वे भी बाकायदा मोटरसाइकिल पर ही डिलीवरी कर रहे हैं। इससे मोटरसाइकिल पर डिलीवरी करने वाले डिलीवरी ब्वॉय को खासा नुकसान हो रहा है। कंपनी द्वारा डिलीवरी के लिए पहले 25 रु प्रति डिलेवरी दिया जाता था जिसे घटाकर अब 20 रु कर दिया गया है। कैश ऑन डिलीवरी के लिए भी हर डिलीवरी ब्वॉय का 15 सो रुपए का लिमिट है इससे अधिक होने पर उन्हें भुगतान यूपीआई से करना पड़ता है और इसके लिए उनसे बैंक चार्ज लेता है । वादे के बावजूद जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय को इसका भुगतान नहीं करती। इसलिए जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय की कमाई लगातार कम होती जा रही है । ऐसे में साइकिल राइडर के साथ उनकी प्रतिस्पर्धा घाटे का सौदा साबित हो रही है। कंपनी द्वारा तय नियमों के तहत 5 किलोमीटर के बाद ₹10 प्रति किलोमीटर की दर से अतिरिक्त दूरी का भुगतान किये जाने की शर्त है लेकिन ऐसा भी नहीं किया जा रहा। कंपनी द्वारा लगातार छले जा रहे डिलीवरी ब्वॉय रविवार को धरने पर बैठ गए लेकिन उनसे बातचीत करने कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। अलबत्ता उन्हें फोन कर यह धमकी जरूर दी गई कि अगर वे काम पर नहीं लौटे तो उन्हें निकाल दिया जाएगा। जाहिर है जोमैटो सेवा शर्तों का तो उल्लंघन कर ही रहा है साथ ही श्रमिक कानून की भी धज्जियां उड़ा रहा है । ऐसे में बेरोजगार युवकों का शोषण करने वाली कंपनी जोमैटो के खिलाफ किसी बड़ी कार्यवाही की आवश्यकता है। फिलहाल मामले में न तो प्रशासन ने हस्तक्षेप किया है ना ही पुलिस ने। लिहाजा जोमैटो के डिलीवरी ब्वॉय खुद को असहाय पा रहे हैं। देखना होगा सोमवार को इस आंदोलन के क्या नतीजे निकलते हैं।

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