
रमेश राजपूत
बिलासपुर- राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने बिलासपुर संभाग में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की तैयारी के लिये संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिये कोई समझौता नहीं होना चाहिये। बेहतर समन्वय और तालमेल से निर्वाचन सफलतापूर्वक सम्पन्न करायें। मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में संभागायुक्त बी.एल.बंजारे, आईजी प्रदीप गुप्ता सहित बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिले के, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त कलेक्टर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में निर्वाचन आयुक्त श्री ठाकुर ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिये मत पत्रों के मुद्रण, मतदान दलों का गठन, मतदान दलों का प्रशिक्षण, मतदान सामग्री की केन्द्रवार व्यवस्था, वाहन व्यवस्था, सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति, आदर्श आचरण संहिता का पालन, शिकायतों का निराकरण, मतदाता जागरूकता जाबो कार्यक्रम, संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों में व्यवस्था आदि की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देशित किया कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन हेतु मतपत्रों का मुद्रण त्रुटिरहित रूप से हो, इसके लिये विशेष ध्यान दिया जाये और मतपत्रों की छपाई के दौरान गोपनीयता और सुरक्षा का पूर्ण ध्यान रखें। मतदान दलों में महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इस संबंध में पूर्ण संवेदनशीलता बरतने कहा। महिलाओं के लिये सभी मूलभूत सुविधायें और आवागमन की सुविधा, सुरक्षा सुनिश्चित करें। जिन कर्मचारियों के परिजन चुनाव में खड़े हैं, उनका चुनाव ड्यूटी उन संबंधित क्षेत्रों में न लगाएं। मतदान दलों के प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारी भी उपस्थिति दें।
जिससे मतदानकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। मतगणना के प्रशिक्षण पर विशेष फोकस करने कहा। मतपेटियों की व्यवस्था की जानकारी ली और सभी मतपेटियों को अच्छी तरह जांच करने कहा। बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव पंचायत संतोष कुमार देवांगन, उप सचिव नगर पालिका दीपक कुमार अग्रवाल, अवर सचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव, अनुभाग अधिकारी प्रणय कुमार वर्मा भी उपस्थित थे। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत के लिये नियुक्त सेक्टर अधिकारियों की जानकारी ली और कहा कि सेक्टर अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के संबंध में अच्छी तरह अवगत कराया जाये।