मल्हार

किसान हितैषी चुनावी घोषणाओं ने दी बड़ी राहत…छत्तीसगढ़ में सरकार बनते ही मिलेगा लाभ,

हरिशंकर पांडेय

मल्हार – धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के किसान अब धान बेचकर मालामाल हो जाएंगे। जिस तरह से इस बार के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों ने किसानों को साधने धान के मूल्य पर फोकस किया है और इसी जद्दोजहद में कांग्रेस व भाजपा ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की बोली लगा दी है जिसका सीधा लाभ किसानों को होते नजर आ रहा है। इस बार सरकार किसी की भी बने किसानों को ही लाभ होगा। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में प्रति एकड़ धान खरीदी को 21 क्विंटल व 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल का वादा किया है तो वही कांग्रेस ने प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने व 32 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों को पैसा देने की घोषणा की है। इस तरह इन दोनों पार्टियों ने धान को ही सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया है और इन दोनों पार्टियों के वादों से किसान गदगद है उन्हें अब लग रहा है कि साल भर के मेहनत की उचित कीमत अब मिलना शुरू हो रहा है। क्योंकि लागत के अनुपात व मेहनत के हिसाब से धान फसल में कमाई उम्मीद के मुताबिक नही हो पाती थी पर अब किसान धान फसल को वरदान मानकर चल रहे है। वैसे भी इस वर्ष धान का बम्फर उत्पादन हुआ इसलिए छोटे बड़े सभी किसान उत्साहित है। किसानो को लागत के हिसाब से लाभकारी मूल्य मिलने के सम्बंध में मल्हार के जागरूक किसान कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि पिछले वर्ष 19 दिसम्बर को दिल्ली के रामलीला मैदान में देश भर के किसान लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य मिलने को लेकर आंदोलन किये थे जिसमें श्री साहू भी शामिल हुए थे

उन्होंने बताया कि किसानों का मानना था कि 22 सौ रुपये प्रति क्विंटल खर्च धान उगाने में आता इस लिहाज से कम से कम लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य 4 हजार होने चाहिए। ग्राम नेवारी के किसान रवि सिंह व ग्राम पचपेड़ी के किसान अशोक जायसवाल भी दिल्ली गए थे उनका भी मानना है कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है पर लागत के अनुसार लाभकारी मिलने की उम्मीद अब जग रही है और किसानो को उनके खून पसीने की कमाई का उचित मूल्य मिल पाएगा। उम्मीद है कि आने वाले वर्षो में धान की कीमत और बढ़ेगी। धान के एक व्यापारी ने बताया कि इस वर्ष रबी फसल के धान की कीमत भी किसानों की अच्छी मिली थी जो 22 सौ रुपये क्विंटल तक पहुच गई थी इसके पिछले वर्ष भी इसी तरह कीमत किसानों को मिली थी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय मे भी किसानों को धान की कीमत अच्छी मिलेगी। जबकि दो वर्ष पहले रबी फसल की कीमत बहुत ही कम थी। उन्नतशील किसान जदुनंदन वर्मा का कहना है कि किसानों को अब अपने फसल का सही कीमत मिलेगा। क्योकि जिस हिसाब से महंगाई बढ़ी थी उसके अनुसार धान की कीमत नही बढ़ी थी पर अब किसानों के खुशहाल होने का समय आ गया है। किसान अवध प्रजापति कहते है कि कर्मचारियों के वेतन में हमेशा बढ़ोत्तरी होती है पर किसानों के मेहनत को दरकिनार किया जाता था पर अब उम्मीद है कि आने वाला समय किसानों का होगा। किसान धर्मेंद्र सिंह कहते है कि किसानों को धान का उचित मूल्य मिलने से उत्पादक व उत्पादन दोनों बढ़ गए है जो यह दर्शाता है कि अब खेती करना फायदे का सौदा है।

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