
लगातार अलग-अलग संगठनों द्वारा देशभर में इस घटना पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है ,साथ ही शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने का क्रम भी जारी है

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
पुलवामा में जिस तरह आतंकी हमला कर 42 सीआरपीएफ जवानों को शहीद कर दिया गया उससे पूरे हिंदुस्तान में गुस्सा और गम दोनों देखा जा रहा है । इस फिदायीन हमले में भारी मात्रा में विस्फोटक का प्रयोग किया गया है, जिससे साबित होता है कि जैश ए मोहम्मद के अलावा आतंकी को पाकिस्तान और भारत के भी गद्दारों का पूरा साथ मिला था । देश के भीतर के इन गद्दारों के बिना कभी भी यह हमला संभव नहीं हो पाता। वहीँ घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह के कदम उठाएं वैसे सख्त कदम इससे पहले कभी कोई प्रधानमंत्री उठाने की हिम्मत नहीं कर पाया। कांग्रेस के जमाने में पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया गया था, हजारों आतंकी घटनाओं और बार बार के युद्ध के बावजूद यह दर्जा हटाया नहीं गया, यह हैरान करने वाली बात है। कश्मीर में मौजूद अलगाववादी ताकतों को भी देश के ही जवान सुरक्षा प्रदान करते थे, इससे बड़ी हैरानी की बात और क्या हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक तरफ जहां इस जघन्य हमले का प्रतिशोध लेने के लिए सेना को खुली छूट दे दी वहीं अलगाववादियों की सुरक्षा वापस लेते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी छीन लिया, साथ ही साथ 25 देशों को पाकिस्तान के खिलाफ इस मुहिम में अपने साथ प्रधानमंत्री जोड़ चुके हैं। यूनाइटेड नेशन और अमेरिका ने भी पाकिस्तान को बाज आने की हिदायत दी है। हालांकि देश में अब भी नवजोत सिंह सिद्धू जैसे कई पाकिस्तानी परस्त मौजूद है जो अब भी पाकिस्तान और आतंकियों के बचाव में लगे हैं। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी लगातार फ्रंट पर आकर इस हमले के खिलाफ खुल कर बोल रही है। इसी कड़ी में रविवार 17 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर द्वारा दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक, पुराना बस स्टैंड में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान पाकिस्तान और आतंकवाद के पुतले का भी दहन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष रजनीश सिंह समेत भाजपा जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मंडल के अधिकारी, मोर्चा प्रकोष्ठ के समस्त अधिकारी शामिल होंगे। लगातार अलग-अलग संगठनों द्वारा देशभर में इस घटना पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है ,साथ ही शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने का क्रम भी जारी है।