बिलासपुर

आम जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे निजी अस्पताल और पैथौलाॅजी लैब संचालक…स्वास्थ्य विभाग की जांच में गंभीर खामियां हुई उजागर, न डॉक्टर न नर्सिंग स्टाफ…फिर भी बेखौफ चल रहे हॉस्पिटल

रमेश राजपूत

बिलासपुर – कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज फिर शहर के निजी क्षेत्र में संचालित समर्थ नर्सिंग हाॅस्पिटल एवं अरिहंत पैथौलाॅजी लैब की आकस्मिक जांच की। जांच में मिली गंभीर खामियों के चलते अरिहंत पैथोलाॅजी को तत्काल बंद कराकर लैब सील कर दिया। वहीं समर्थ नर्सिंग हाॅस्पिटल के संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब तलब किया गया है। न्यू वंदना हास्पिटल को 20 हजार रूपये का जुर्माना ठोंका गया है। टीम ने गत 5 तारीख को निरीक्षण कर अस्पताल प्रबंधन को खामियों के लिए नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब संतोषप्रद नहीं पाये जाने पर उन्हें चेतावनी के साथ 20 हजार रूपए जुर्माना लगाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज मुंगेली रोड स्थित समर्थ नर्सिंग होम एवं नगोई चौक स्थित अरिहंत डायग्नोस्टिक्स का आकस्मिक निरीक्षण किया। दोनों संस्थानों में अनेक खामियां पाई गई। समर्थ नर्सिग होम के निरीक्षण के दौरान कोई भी ड्यूटी डाॅक्टर कार्य पर नहीं पाये गये। डाॅ. नीरू व्ही पटेल निरीक्षण के दौरान स्टाॅफ के बुलाने पर हाजिर हुई। अस्पताल में इस दौरान एएनएम अनिमा लकड़ा और जीडीए रीना तिग्गा उपस्थित थीं। जबकि संस्थान में प्रशिक्षित एवं नर्सिंग कौंसिल से पंजीकृत स्टाॅफ नर्स का होना जरूरी है। जनरल वार्ड में छह बिस्तर संचालित हैं जबकि मानक रूप में इसके लिए जगह उपलब्ध नहीं हैं। नर्सिंग होम परिसर में डाॅ. मृणालिनी का बोर्ड प्रदर्शित होना पाया गया। जबकि इस संबंध में कार्यालय को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई है। इसलिए संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है।

जांच टीम ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत बैमा नगाई चौक सीपत रोड स्थित अरिहंत पैथोलाॅजी लैब के निरीक्षण में भी कई खामियां पाई। संस्थान में पैथोलाजिस्ट का चेम्बर नहीं पाया गया। पैथोलाॅजिस्ट का नाम एवं अर्हता प्रदर्शित नहीं की गई। लैब में कुमारी लता मरावी कार्यरत पायी गई जो कि वर्तमान में डीएमएलटी की पढ़ाई कर रही है। लैब टेक्निशियन प्रफुल्ल कुर्रे का पैरामेडिकल कौंसिल में पंजीकृत होना नहीं पाया गया। प्रयोगशाला उपकरण मानक के अनुरूप नहीं पाये गये। संस्थान में मरीजों के उपयोग के लिए प्रसाधन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इस प्रकार पायी गई कमियां छग राज्य रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 का गंभीर उल्लंघन है। जिसके चलते पैथोलाॅजी लैब का संचालन बंद करते हुए लैब सील कर दी गई।

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