मल्हार

अब हाईस्कूल के शिक्षक पर नाबालिग छात्रा से छेड़खानी का मामला…बात करने बनाता था दबाव, स्कूल से निकालने की देता था धमकी

उदय सिंह

बिलासपुर – सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के अलावा सब कुछ किया जा रहा है, शिक्षक मोटी तनख्वाह लेकर जिस कार्य के लिए नियुक्त किये गए है उसे छोड़कर सब कर रहे है, हालांकि की अब भी कुछ ऐसे शिक्षक है जो अपना सब कुछ समर्पित कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है, लेकिन इनकी ही आड़ में कई शिक्षक गुरु की महिमा को खंडित कर रहे है। जिले के मस्तूरी विकासखंड के मल्हार हाईस्कूल से ऐसे ही शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें हाईस्कूल की एक छात्रा से स्कूल में पदस्थ वर्ग 1 शिक्षक संजय साहू जो जीव विज्ञान पढ़ाते है, छेड़खानी करते है, बात करने छात्रा पर दबाव भी बनाते है यहाँ तक कि टीसी काटकर स्कूल से निकालने की धमकी भी देते है, मामले की जानकारी लगते है परिजनों ने इसकी शिकायत मल्हार चौकी पुलिस से की है जहाँ पुलिस अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ग़ौरतलब है जिले में लगातार लापरवाह शिक्षकों की एक से बढ़कर एक करतूत सामने आ रही है, जिसमें पिछले दिनों सीपत में 2 बच्चों की डूबकर मौत, मध्यान भोजन में गिरने से बच्चे के झुलसने, वही स्कूल में शराबखोरी करने और शिक्षकों में आपसी विवाद से क्लास में पढ़ाई नही होने के मामले सामने आ चुके है।

शिक्षा गुणवत्ता की बात…साबित हो रही खोखली

भले ही शासन करोड़ो का सेटअप तैयार कर हर मुमकिन कोशिश शिक्षा गुणवत्ता सुधारने कर रही है, लेकिन शिक्षा विभाग में शिक्षकीय कार्य के लिए तैनात शिक्षक अगर मोटी तनख्वाह लेकर भी अपना काम नही करेंगे तो कोई भी शख्स इस सिस्टम को नही सुधार सकता। क्योकि जिनको इस व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मिलती है वह भी इसके हिस्सेदार बन जाते है और ऊपरी कमाई करने लगे है, जिससे लापरवाही का दौर जारी रहता है, अब भला ऐसे में अकेले डीईओ या कलेक्टर भी क्या कर सकते है, इस सिस्टम में पालकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है जैसे प्राइवेट स्कूलों में टीचर पेरेंट्स मीटिंग होती है शासकीय स्कूलों में भी इसकी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि बच्चों की प्रगति के बारे में पालक और टीचर आमने सामने हो और जिला स्तर पर इसकी समीक्षा होनी चाहिए जिससे बहुत सी खामियां ऐसे ही दूर हो जाएंगी, कमियां उजागर होंगी साथ ही लापरवाही की शिकायत भी दर्ज होगी।

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