रायपुर

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किए 12 वीं बोर्ड परीक्षा प्रश्नों के नए पैटर्न….. किसमे कितने मिलेंगे अंक….जानिए इस खबर में..

डेस्क

रायपुर- बोर्ड (CGBSE) के पैटर्न में बदलाव के बाद अंग्रेजी के प्रोजेक्ट वर्क को सात हिस्सों में बांटा गया है। इसमें ओवर ऑल फ्लुएंसी में चार, अंग्रेजी के शब्दों के उच्चारण में तीन, क्लैरिटी, आर्टिकुलेशन, डिस्कशन और रीजनिंग में 2-2 अंक रखे गए हैं। 5 अंक इंटरेक्शन में है। थ्योरी पेपर में ग्रामर 10 अंकों का होगा। दो अनसीन पैसेज होंगे। एक अनसीन पैसेज का नोट्स लिखना होगा। प्रश्न पत्र के तीन हिस्से होंगे। पहले भाग में रीडिंग कंप्रेहेन्सन, सेकंड मे राइटिंग स्किल और थर्ड में टैक्स्ट बुक के लिटरेचर के सवाल होंगे। इसके लिए दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं कक्षा का नया परीक्षा पैटर्न जारी किया है। इसके अनुसार इस बार हिंदी और अंग्रेजी विषयों में भी प्रोजेक्ट वर्क बनाना होगा। इसके लिए 20-20 अंक निर्धारित किए गए हैं। पहले पूरा प्रश्न पत्र 100-100 अंकों का होता था। इस तरह साइंस की तरह हिंदी और अंग्रेजी भाषा समेत अन्य विषयों के लिए भी प्रैक्टिकल प्रोसेस को रखा गया है।
पहले की तुलना में परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों को भी सरल किया गया है। इससे भाषा में छात्रों को पास होने में सरलता रहेगी। बताया गया कि अंग्रेजी और हिंदी में छात्रों की रूचि बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट वर्क दिया जा रहा है।

हिंदी में इस तरह किया अंकों का वितरण

हिंदी के प्रोजेक्ट वर्क में पढऩे, सुनने और मौखिक सवालों के जवाब में 5-5 अंक होंगे। जिस विषय पर प्रोजेक्ट तैयार होगा, उसकी विषय वस्तु, शब्द सीमा 100, भाषा शैली, विषय से संबंधित चित्र और आंकड़े तथा प्रस्तुतिकरण में 1-1 अंक हैं। थ्योरी पेपर में 80 अंकों का होगा। अपठित गद्यांश और पदयांश में 16 अंक रखे गए हैं। हिंदी में रचनात्मक लेखन में 20 अंक, आरोह भाग दो में कवियों के जीवन परिचय और रचनाएं शामिल की गई हैं। इसमें 44 अंक होंगे। वितान भाग 2 में 12 अंक होंगे।

पहले पूछे जाते थे ग्रामर से 15 नंबर के सवाल

पहले अंग्रेजी के पर्चे में ग्रामर में 15 अंक रखे गए थे। उससे संबंधित सवाल होते थे। अनसीन पैसेज भी एक ही रहा करता था। पत्र लेखन में भी शिकायती पत्र या नौकरी के लिए आवेदन होता था। निबंध और पत्र लेखन में 15 अंक थे। पाठ्य पुस्तक में उल्लेखित गद्यांश और पद्यांश के साथ शब्द ज्ञान को रखा गया था। इसमें पर्यायावाची, विरोधी शब्द, शब्द बनाना, उपसर्ग, प्रत्यय आदि शामिल थे। रीडिंग का भी एक भाग होता था।

जबकि, पुराने पाठ्यक्रम में थे यह तथ्य

पुराने पाठ्यक्रम में प्रोजेक्ट वर्क नहीं था। इसमें एक-एक काव्यांश, गद्यांश, पत्र लेखन, निबंध, पढ़ाए गए पाठ से सवाल हुआ करते थे। इसमें अति लघुत्तरीय, लघु उत्तरीय और निबंधात्मक सवाल हुआ करते थे। इसमें शब्द सीमा भी रखी गई थी, ताकि छात्र उसके अनुसार जवाब दे सके। गद्य, पद्य, व्याकरण, रेखा, चित्र, हिंदी साहित्य का इतिहास, लोक कथाएं छत्तीसगढ़ी कविताएं, अपठित गद्यांश पत्र और निबंध आदि थे।

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