
जुगनू तंबोली
रतनपुर – विकासखंड शिक्षाधिकारी कोटा गोपाल कृष्ण दुबे के निर्देशानुसार विकासखंड के सभी 51 संकुलों की एक वर्षीय कार्ययोजना (विजन 2026-27) की विस्तृत समीक्षा एवं प्रस्तुतीकरण संकुल क्लब पोड़ी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एफ.एल.एन. (Foundational Literacy and Numeracy) मानकों के अनुरूप बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता विकसित करना तथा कमजोर विद्यार्थियों को अपेक्षित अधिगम स्तर तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में सभी संकुल समन्वयकों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने संकुल की वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस दौरान विद्यालयों के विद्यार्थियों के न्यूनतम अधिगम स्तर (एमएलएल) का विश्लेषण करते हुए कमजोर बच्चों की पहचान, उनके सीखने में आने वाली कठिनाइयों के कारण तथा उनके समाधान के लिए तैयार की गई कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रस्तुत योजनाओं को सर्वसम्मति से “संकल्प योजना” के रूप में स्वीकार करते हुए उसके प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवनीत तंबोली, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपिका रोज किंडो तथा बीआरसीसी प्रमोद शुक्ला ने संकुल समन्वयकों का मार्गदर्शन करते हुए बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए नवाचार,

नियमित मॉनिटरिंग और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की। समापन सत्र में विकासखंड शिक्षाधिकारी गोपाल कृष्ण दुबे ने कहा कि तैयार की गई कार्ययोजना केवल दस्तावेज बनकर न रह जाए, बल्कि विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू होकर प्रत्येक कमजोर बच्चे के सीखने के स्तर में वास्तविक सुधार लाए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी संकुल समन्वयकों और शिक्षकों से जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। कार्यशाला के सफल आयोजन में नवाचारी शिक्षक बलदाऊ सिंह श्याम, नंदनी चौबे, दिनेश चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ संकुल समन्वयक सुखदेव प्रसाद पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने सराहना की।