
आकाश दत्त मिश्रा

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएससी देव लगातार प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में फैली अव्यवस्था को सुधारने में जुटे हुए हैं । वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग सिंहदेव के प्रयासों को पतीला लगाने में कोई कमी नहीं कर रहा हैं ।मुंगेली स्वास्थ्य विभाग इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। तहसील से जिला बन चुका मुंगेली अभी भी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर घुटनों के बल रेंग रहा है। आकस्मिक मदद के उद्देश्य से पूरे देश में शुरू की गई 108 की सेवा बीते 4 महीने से यहां ठप्प पड़ी हुई है ।

आपातकालीन स्थिति में जब 108 नंबर डायल किया जाता है ,तब 15 से 20 मिनट तक फोन करने वाले से वेरिफिकेशन किया जाता है और एक के बाद एक उसे फोन पर सवाल करते हुए इंतजार करने के लिए कहा जाता है और आखिर में जवाब मिलता है कि 108 की सेवा मुंगेली में बंद पड़ी हुई है। इसके बदले आपको 112 महतारी एक्सप्रेस की सुविधा हम मुहैया कराने के लिए प्रयास करते हैं ।

एक बार फिर इंतजार का सिलसिला शुरू हो जाता है और सड़क पर पड़ा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति इस इंतजार में ही अपनी जान गवा बैठता है। यदि बीते समय में सड़क हादसों में गई जानो पर की जांच की जाए तो निश्चित तौर पर उपचार मिलने में देरी की बात सामने आएगी। 108 डायल इसी सुविधा को मुहैया कराने के उद्देश्य के साथ शुरू की गई थी लेकिन जंग लग चुकी कार्यप्रणाली ने मुंगेली की जनता को सुविधा के बजाय नयी समस्या उपलब्ध करा दी है।

