
दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के प्रमुख स्टेशनों मे, विशेषकर पर्यटन की दृष्टी से महत्वपूर्ण 22 जंक्शन स्टेशनों मे सेंटर बनाए गए है

सत्याग्रह डेस्क
विश्व के प्रायः सभी देश इस बात के लिए सहमत हैं कि बच्चे के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए एवं माता व् परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव के लिए बेबी फीडिंग को अधिक से अधिक बढ़ावा दिये जाने के लिए आवश्यक बताया है | इसे और अधिक बढ़ावा देने के लिए शासकीय एवं गैरशासकीय स्तर पर भी अनेक कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे सभी दृष्टी से स्वस्थ एवं मजबूत बने |
रेल्वे द्वारा बेबी फीडिंग को और अधिक बढ़ावा देने के उद्येश्य से रेल्वे अपने स्तर पर सभी उपाय कर रही है | आज के समय मे माता जब अपने शिशु के साथ रेल सफर पर हो तो माता को हमेशा एक निरापद, सुरक्षित जगह की तलाश रहती है । जहा अपने बच्चे को आसानी से बेझिझक अपना दूध पिला सके | इसी बात को ध्यान मे रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे द्वारा यात्रा के दौरान नवजात शिशु को फीडिंग करा सके इसके लिए प्रमुख स्टेशनों में बेबी फीडिंग सेंटर बनाया गया है | दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के अंतर्गत जहाँ यात्रियों का आना-जाना अपेक्षाकृत अधिक है, उन 22 स्टेशनों में बेबी फीडिंग सेंटर बनाया गया है :-बिलासपुर मंडल के 12 स्टेशनों पर सुविधा – बिलासपुर, ब्रजराजनगर, कोरबा, चम्पा, जांजगीर-नैला, अकलतरा, उसलापुर, पेन्ड्रारोड, अनूपपुर, अम्बिकापुर, उमरिया, एवं शहडोल स्टेशन पर नवजात शिशु को माताओं द्वारा दूध पिलाने हेतु बेबी फीडिंग सेंटर की सुविधा प्रदान की गयी है | रायपुर मंडल के दोनों बड़े रेलवे स्टेशनों रायपुर एवं दुर्ग स्टेशनों पर बेबी फीडिंग बूथ की सुविधा प्रदान की गयी है | नागपुर मंडल 8 स्टेशनों मे -: गोंदिया, राजनांदगाँव, भंडारारोड, डोंगरगढ़, छिंदवाडा, इतवारी, नागभीड एवं बालाघाट में बेबी फीडिंग बूथ की सुविधा प्रदान की गयी है | दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के प्रमुख स्टेशनों मे, विशेषकर पर्यटन की दृष्टी से महत्वपूर्ण 22 जंक्शन स्टेशनों मे सेंटर बनाए गए है | इस प्रकार के सेण्टर साधारणतया महिला बेटिंग हाल मे बनाया जा राहा है ।