
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – जिले में 1 अगस्त को हुई 11 लाख 79 हजार 800 रुपये की कथित लूट की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, लेकिन महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश कर दिया। दरअसल यह लूट की वारदात झूठी निकली, जिसे खुद रकम ले जा रहा युवक दीपेश देवांगन ने गढ़ा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से संपूर्ण नकदी एवं लैपटॉप बरामद कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार दीपेश देवांगन पिता शत्रुघ्न देवांगन (25 वर्ष), निवासी ग्राम चोरिया, थाना सारागांव, ने 1 अगस्त को शाम 5 बजे थाना बम्हनीडीह में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ग्राम करनौद निवासी व्यवसायी किरीत सिन्हा से 11,79,800 लेकर यूनियन बैंक चांपा में जमा करने जा रहा था। इसी दौरान ग्राम पूछेली के पास बाइक सवार तीन अज्ञात युवकों ने उससे मारपीट कर नकदी और लैपटॉप लूट लिए।घटना की गंभीरता को देखते हुए बम्हनीडीह पुलिस तत्काल हरकत में आई और जिलेभर में नाकाबंदी कर दी। घटनास्थल का निरीक्षण, साइबर टीम की सहायता, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस को लूट के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। साथ ही दीपेश के बयान में विरोधाभास और रिपोर्ट दर्ज कराने में की गई देरी ने उसे संदेह के घेरे में ला खड़ा किया। साइबर सेल की टीम द्वारा मनोवैज्ञानिक ढंग से की गई पूछताछ में दीपेश टूट गया और उसने कबूल किया कि वह लगभग 8 लाख रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था, जिसे चुकाने के लिए उसने 11,79,800 का गबन कर झूठी लूट की कहानी रची।

उसने यह रकम अपने गांव चोरिया स्थित घर में छिपा रखी थी। पुलिस ने वहां से पूरी राशि और लैपटॉप बरामद कर लिए हैं। दीपेश ने बताया कि वह वर्ष 2018 से विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों जैसे मेडिकल, कपड़ा, कृषि केंद्र, छड़-सीमेंट दुकान, आदि में लेन-देन एवं हिसाब-किताब का कार्य करता रहा है और हवाला जैसे संदिग्ध लेनदेन में भी संलिप्त रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना बम्हनीडीह में अपराध क्रमांक 70/2025 धारा 217, 316(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे खुलासे में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक सागर पाठक, सउनि विवेक सिंह, आरक्षक सहबाज खान, प्रदीप दुबे, श्रीकांत सिंह, रोहित कहरा और थाना बम्हनीडीह से सउनि नीलमणि कुसुम की अहम भूमिका रही।
जिला पुलिस की अपील…
नागरिकों से अपील की जाती है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह न करें। ऐसा करने पर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।