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इससे पहले भी सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर कई कर्जदार आत्महत्या को विवश हो चुके हैं । एक बार फिर एक छात्र ने सूदखोर से तंग आकर अपनी जान दे दी । आवास पारा, राजकिशोर नगर में रहने वाला पंकज गिरी गोस्वामी प्राइवेट पढ़ाई कर रहा था । उसने दयालबंद में ही रहने वाले साहिल सोनकर उर्फ नानू से 5000 रुपये ब्याज पर उधर लिया था।

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी पंकज कई बार साहिल से ब्याज पर उधार ले चुका था। इस बार पंकज गिरी गोस्वामी द्वारा लिए गए 5000 रुपये के बदले में सूद सहित साहिल उससे 20,000 रुपये की मांग कर रहा था , जिस कारण पिछले काफी दिनों से पंकज परेशान था। इसी परेशानी की वजह से वह गुमसुम भी रहने लगा था। शुक्रवार रात वह खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया।

शनिवार को जब सुबह देर तक पंकज नहीं उठा तो परिजन उसके कमरे पहुंचे तो वहां फांसी के फंदे पर लटकती उसकी लाश नजर आई। मीडिया से बात करते हुए पंकज के पिता उमाशंकर गोस्वामी ने बताया कि पंकज के और भी दोस्त हैं। इन्हीं में सौरभ, मंगल और सोनू के साथ पंकज ने साहिल से पैसे उधार लिए थे। पिता आरोप लगा रहे हैं कि उसके दोस्त पंकज को आगे कर रकम उधार लिया करते थे। वहीं सूदखोर द्वारा बार-बार तगादा करने से तनाव में आकर पंकज ने खुदकुशी जैसा कदम उठाया। हालांकि पंकज ने आत्महत्या से पहले कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है, लेकिन परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस सूदखोर के खिलाफ कार्रवाई का मन बना रही है। सूदखोर के जाल में फंस कर अपने बेटे के खोने के बाद पंकज के पिता गुहार लगा रहे हैं कि ऐसे सूदखोरों पर पुलिस लगाम कसें ताकि किसी और का बेटा इस तरह काल के गाल में ना समाए। एक समय बिलासपुर में सूदखोरों के खिलाफ पुलिस द्वारा बड़ी कार्यवाही की जा रही थी, लेकिन उसके बाद अधिकारियों के तबादले हो गए और सूदखोरों कि फिर से चांदी हो गई। पुलिस संरक्षण मिलने से ऐसे सूदखोर बेलगाम हो रहे हैं और इसी कारण से कई कर्ज दारो को अपनी जान देकर उनका कर्ज चुकाना पड़ रहा है।