
उदय सिंह
बिलासपुर – थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बच्चों को नशे का इंजेक्शन देकर उन्हें नशे का आदी बनाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में नशीली दवाइयाँ, इंजेक्शन, सिरिंज सहित अन्य सामग्री जप्त की है। इस गंभीर मामले में आरोपी के विरुद्ध जेजे एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 30 जनवरी 2026 को सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि जूना बिलासपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति नाबालिग बच्चों को नशे का इंजेक्शन देकर उनके भविष्य और स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद कुछ नाबालिग बच्चे भाग गए, जबकि एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम अमन विश्वकर्मा उर्फ टेंगा उम्र 25 वर्ष निवासी जूना बिलासपुर बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 400 नग Avil (Pheniramine Maleate) इंजेक्शन शीशी (10 एमएल), Buprenorphine एवं Naloxone टैबलेट, इंजेक्शन लगाने में प्रयुक्त सिरिंज, नशीली दवाओं की खाली शीशियाँ तथा 700 रुपये नकद जप्त किए गए।
जांच में सामने आया कि आरोपी इन इंजेक्शनों और दवाइयों को मिलाकर नाबालिग बच्चों को नशा कराने के उद्देश्य से उपयोग करता था, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर और जानलेवा प्रभाव पड़ सकता था। पुलिस ने आरोपी के इस कृत्य को बच्चों की सुरक्षा और जीवन के लिए अत्यंत घातक मानते हुए उसके विरुद्ध धारा 77 जेजे एक्ट, धारा 123, 275 एवं 286 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया है।

आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं सिटी कोतवाली पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखें और नशे से संबंधित किसी भी संदिग्ध जानकारी की तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार और बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।