
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शहर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के लिए यातायात पुलिस ने नई पहल शुरू की है। शहर के प्रमुख मार्गों और आंतरिक क्षेत्रों में निर्धारित गति सीमा के सुरक्षात्मक एवं संकेतात्मक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और ट्रैफिक सेंस के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई है।पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। यातायात पुलिस का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना, दुर्घटनाओं में कमी लाना और नागरिकों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है।यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर के आंतरिक मार्गों पर अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। वहीं स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कलेक्ट्रेट और अन्य शासकीय कार्यालयों के आसपास वाहनों की अधिकतम गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। इसके अलावा मोहल्लों, गलियों और रिहायशी क्षेत्रों में 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा तय की गई है। इन स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाकर वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा की जानकारी दी जा रही है।पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर की आंतरिक सड़कों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ ऑनलाइन माध्यम से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली के जरिए नियम तोड़ने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यातायात पुलिस ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य वाहन चालकों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है। नागरिक यदि निर्धारित गति सीमा, ट्रैफिक संकेतों और सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे तो न केवल स्वयं सुरक्षित रहेंगे, बल्कि अन्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। पुलिस ने सभी नागरिकों से यातायात नियमों का स्वेच्छा से पालन कर सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग करने की अपील की है।