मल्हार

मल्हार महोत्सव :- आमंत्रण विवाद ने बढ़ाया सियासी ताप, डॉ. बांधी की अनदेखी पर बवाल, लापरवाही या साजिश, उठे सवाल

उदय सिंह

मस्तूरी– नगर पंचायत मल्हार में 28 मार्च से 29 मार्च दो दिवसीय आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित मल्हार महोत्सव से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के आमंत्रण कार्ड में क्षेत्र के पूर्व विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी का नाम शामिल नहीं होने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नाराजगी का माहौल बन गया है। इस घटना ने न केवल आयोजन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली को भी कटघरे में ला खड़ा किया है। डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी मस्तूरी क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता रहे हैं और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मल्हार को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने से लेकर मल्हार महोत्सव की शुरुआत में उनकी अहम भूमिका मानी जाती रही है। ऐसे में उनके नाम का आमंत्रण पत्र से गायब होना समर्थकों को अखर गया है।

मामले ने तब तूल पकड़ा जब बांधी समर्थकों ने खुलकर विरोध जताया और इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दिया। उनका कहना है कि अतिथि सूची तैयार करने में गंभीरता नहीं बरती गई, जिसके चलते एक प्रभावशाली और वरिष्ठ नेता की अनदेखी हो गई। समर्थकों का आरोप है कि यह केवल एक सामान्य भूल नहीं, बल्कि सुनियोजित उपेक्षा भी हो सकती है। स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि इस तरह की चूक आयोजन की विश्वसनीयता को प्रभावित करती है। आमंत्रण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में गलती होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना भाजपा के अंदरूनी मतभेदों की ओर भी इशारा करती है, जिसका असर आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि महोत्सव का आयोजन प्रशासनिक अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया जा रहा है और वर्तमान जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि, इस चूक के बाद अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है और क्या संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी। फिलहाल, मल्हार महोत्सव की यह मुद्दा क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोगों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

वर्तमान जनपद अध्यक्ष, बीजेपी जिला अध्यक्ष का भी आमंत्रण पत्र से नाम गायब

हालांकि मल्हार महोत्सव विवाद शुरुवाती नहीं जब से इस महोत्सव की बैठक या कार्यक्रम की रूप रेखा बनी तब से स्थानीय जन प्रतिनिधियो में विवाद की स्थिति बनती रही है और आखिर में स्थानीय अधिकारियों ने भी पूर्व मंत्री और क्षेत्रीय जनपद अध्यक्ष, बीजेपी जिला अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदाधिकारियों का नाम आमंत्रण पत्र में स्थान न देना स्थानीय स्तर पर गुटबाजी की बात में मोहर लगती दिखाई दे रही है।

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