
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक बेहद शर्मनाक घटना जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र से सामने आई है। ग्राम खिसोरा स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ एक शिक्षक ने न केवल अपनी मर्यादा लांघी, बल्कि गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को भी तार-तार कर दिया। पुलिस ने आरोपी शिक्षक राकेश कुर्रे को नाबालिग छात्रा से दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
नशे में धुत होकर स्कूल पहुँचा था शिक्षक
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक राकेश कुर्रे अक्सर शराब के नशे में स्कूल आता था। घटना के दिन भी वह अत्यधिक नशे की हालत में विद्यालय पहुँचा और वहां पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ शुरू कर दी। शिक्षक की इस करतूत से डरी-सहमी छात्रा ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद ग्रामीण और परिजन आक्रोशित हो उठे।
प्रशासनिक जांच में हुई पुष्टि
पीड़िता के परिजनों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत एसडीएम सुमित बघेल से की। एसडीएम ने मामले को त्वरित संज्ञान में लेते हुए एक विशेष टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। जांच टीम ने जब स्कूल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और बयान लिए, तो छेड़छाड़ की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया, जिसके बाद विभाग के निर्देश पर प्राथमिक शाला के हेडमास्टर ने बलौदा थाने में आरोपी के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज, पुराना आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने
बलौदा पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपी राकेश कुर्रे का अतीत भी दागदार रहा है। वह पहले भी हत्या जैसे संगीन मामले में जेल की हवा खा चुका है। ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति की शिक्षा विभाग में मौजूदगी ने अब विभागीय चयन और निगरानी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी रोष है और उन्होंने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कठोरतम विभागीय कार्रवाई और सेवा समाप्ति की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।