
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जिले के तखतपुर विकासखंड अंतर्गत गनियारी और तखतपुर में संचालित दो खाद दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के दौरान स्टॉक और मशीन रिकॉर्ड में भारी अंतर सामने आने पर दोनों दुकानों की खाद बिक्री पर 21 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। किसानों को खाद, बीज एवं कीटनाशक की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा यह कार्रवाई की गई। टीम ने तखतपुर स्थित मेसर्स किसान सेवा केंद्र और गनियारी के मेसर्स अमन कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।

उप संचालक कृषि पीढ़ी हथेश्वर ने बताया कि किसान सेवा केंद्र तखतपुर में मशीन रिकॉर्ड के अनुसार 750 बोरी यूरिया दर्ज थी, जबकि मौके पर मात्र 550 बोरी ही उपलब्ध पाई गई। इसके अलावा 200 बोरी यूरिया बिना मशीन में दर्ज किए रखी गई थी, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। वहीं गनियारी स्थित अमन कृषि केंद्र में मशीन रिकॉर्ड में 1679 बोरी यूरिया दर्ज थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान भौतिक स्टॉक पूरी तरह अनुपस्थित मिला। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दोनों दुकानों में उर्वरक भंडारण एवं वितरण से संबंधित आवश्यक रजिस्टर संधारित नहीं किए जा रहे थे, जो कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का सीधा उल्लंघन है।

प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दोनों संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उप संचालक कृषि ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार की खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस दौरान सहायक संचालक कृषि दिव्या गौतम, प्रभारी आर.एल. पैकरा, उर्वरक निरीक्षक खुशबू साहू, उषा ध्रुव तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी नरेश चंदेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों में भरोसा बढ़ा है और अवैध खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।