
जुगनू तंबोली
बिलासपुर – जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां अज्ञात मोबाइल धारक ने खुद को सिम्स अस्पताल का डॉक्टर बताकर मितानिन और ग्रामीण महिलाओं को झांसे में लेकर 88 हजार 400 रुपए की ठगी कर ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66D तथा बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी चंचल कश्यप 23 वर्ष निवासी रतनपुर ने शिकायत दर्ज कराई कि 9 अप्रैल 2026 को दोपहर लगभग 3:22 बजे से शाम 4:46 बजे के बीच एक अज्ञात व्यक्ति ने मितानिन के मोबाइल पर कॉल किया। आरोपी ने खुद को जिला अस्पताल का डॉक्टर बताते हुए क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और हितग्राहियों की जानकारी सही-सही बताकर विश्वास जीत लिया। इसके बाद आरोपी ने मातृत्व वंदना योजना की राशि खाते में भेजने का झांसा दिया और पहले खाते में पैसे जमा कराने की बात कही। चंचल कश्यप को 6000 रुपए मिलने का लालच देकर उनसे तीन ट्रांजेक्शन में कुल 5700 रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। इसी तरह ममता कश्यप से 2700 रुपए और आकांक्षा कश्यप से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 80 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। ठग ने मोबाइल पर ‘पे’ नोटिफिकेशन भेजकर उसे दबाने के लिए कहा, जिससे रकम सीधे खातों से कटती चली गई। आरोपी ने कॉल के दौरान लगातार मार्गदर्शन करते हुए पीड़ितों को भ्रमित किया। घटना के बाद पीड़ितों ने थाना रतनपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साइबर ठग अब सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।