
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके बैंक खातों के तार देशभर में हुए करोड़ों रुपये के साइबर अपराधों से जुड़े पाए गए हैं। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के खातों में करीब एक करोड़ रुपये की राशि होल्ड भी कराई गई है।मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित नर्मदा नगर कॉलोनी की एक महिला से जुड़ा है। आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश में भारी लाभ का लालच देकर महिला से अलग-अलग तिथियों में कुल 17 लाख 21 हजार 100 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने साइबर पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद जांच शुरू की गई। तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की पड़ताल के दौरान पुलिस ने रायपुर, सक्ती और रायगढ़ से जुड़े चार आरोपियों मुकेश कुमार दास, केशव साव, संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की तथा शिशिर राठौर को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी संदीप के बैंक खाते के विरुद्ध गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में पांच साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
वहीं मुख्य आरोपी मुकेश कुमार दास के तीन बैंक खातों में कुल 13 साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज मिलीं। इन खातों से जुड़े लेनदेन में लगभग 8 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि का पता चला है। पुलिस के अनुसार साइबर अपराध से जुड़े करीब 10 लाख रुपये मुकेश के खातों में प्राप्त हुए थे। कार्रवाई के दौरान आरोपी केशव साव के खाते में लगभग 99 लाख रुपये और शिशिर राठौर के खाते में करीब 1 लाख रुपये होल्ड कराए गए। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त जानकारी ने भी गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क की पुष्टि की है। आईजीपी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी गगन कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा एवं साइबर टीम ने इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।