
रमेश राजपूत
बिलासपुर – सकरी थाना क्षेत्र के आसमां सिटी में लाखों रुपये के सोने के जेवरात चोरी मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। मामले में प्रार्थी सतीष मिश्रा की शिकायत पर उनके ही पुत्र समेत चार आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रकरण में धारा 3(5), 303(2) एवं 317(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, सतीष मिश्रा ने 25 फरवरी 2026 को थाना सकरी में आवेदन प्रस्तुत कर बताया था कि उनके घर के लॉकर से करीब 75 से 80 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवरात गायब हो गए हैं। ये जेवर उनकी दिवंगत माता, पत्नी और भाभी के थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पुनः जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि प्रार्थी के पुत्र प्रणव मिश्रा ने अपने दोस्तों से लिए गए उधार को चुकाने के लिए घर से सोने के जेवर चुरा लिए थे। उसने असली जेवरों की जगह नकली जेवर रख दिए ताकि किसी को शक न हो। प्रणव ने अपने मित्र तनय राय की मदद से चोरी किए गए सोने को अलग-अलग समय पर गोपाल सान्धरा उर्फ बंगाली दादा को करीब ढाई लाख रुपये में बेच दिया।
इसके बाद भी पैसों की जरूरत पड़ने पर प्रणव ने तनय राय के साथ मिलकर कुछ जेवर प्रियांशू पानीकर को लगभग 80 हजार रुपये में बेच दिए। आरोप है कि तनय राय, गोपाल सान्धरा और प्रियांशू पानीकर ने चोरी के जेवरों को जानते हुए भी कम कीमत पर खरीदा और आरोपी की नासमझी का फायदा उठाया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना ने पारिवारिक विश्वास और युवा पीढ़ी में बढ़ती गलत संगत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।