
रमेश राजपूत

बिलासपुर- प्रदेश में जारी समर्थन मूल्य में धान खरीदी प्रक्रिया इन दिनों काफी चर्चा में है किसानों से खरीदी जा रही धान लिमिट के आधार पर तय की जा रही है जिसके लिए रकबा और अन्य नियमों को मापदंड मानकर किसानों को परेशान किया जा रहा है धान खरीदी प्रक्रिया में लिमिट समाप्त करने की मांग को लेकर गुरुवार को जिले के सहकारी समिति खरकेना, सकर्रा क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे थे जिनका आरोप है कि शासन से लिमिट समाप्त करने की घोषणा की है

इसके बावजूद अब तक समितियों को यह छूट नहीं दी गई है प्रतिदिन के हिसाब से जो लिमिट तय की गई थी उसी के अनुसार खरीदी करने विवश होना पड़ रहा है, ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत धान खरीदी के आंकड़े सीधे दर्ज किए जाते हैं इसलिए जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है उसमें लगाए गए लॉक को खोलने मांग की जा रही है सहकारी समिति के पदाधिकारियों के साथ पहुंचे किसानों ने एक स्वर में अधिकारियों की इस लापरवाही को उजागर करते हुए नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया है वही जिला कलेक्टर सहित प्रदेश के मुखिया के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है
मुख्यमंत्री कर चुके है लिमिट समाप्त

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोषणा करते हुए लिमिट को हटा दिया है, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों ने ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में सिस्टम को अपडेट नही किया है, जिसकी वजह से लिमिट में धान ख़रीदी के बाद सॉफ्टवेयर लॉक हो जा रहा है और किसानों से धान की ख़रीदी प्रभावित हो रही है, इसके अलावा इस व्यवस्था की वजह से समितियों में पंजीकृत किसानों में से सभी से धान की खरीदी भी नही हो सकने की बात सामने आ रही है।