
रमेश राजपूत
रायगढ़ – आईपीएल क्रिकेट के नाम पर करोड़ों का ऑनलाइन सट्टा, हवाला के जरिए पैसों का खेल और दुबई से ऑपरेट हो रही बेटिंग आईडी… रायगढ़ पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसने पूरे मध्य भारत में अपनी जड़ें फैला रखी थीं। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित एक लग्जरी विला में दबिश देकर छह बड़े सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया है।पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह रायगढ़, रायपुर, सक्ती, नागपुर और खरसिया तक फैले नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। कार्रवाई थाना कोतवाली रायगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 217/2026 और 218/2026 के आधार पर शुरू हुई थी। पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हवाला लेनदेन और बड़े नेटवर्क के सुराग मिले, जिसके बाद साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने तकनीकी निगरानी बढ़ाई। जांच की कड़ियां सीधे “मन्नू नथानी” गैंग तक पहुंचीं। पुलिस टीम जब गोवा पहुंची, तब आरोपी फरार होने की तैयारी में थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने मोबाइल, लैपटॉप और हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त कर लिए।गिरफ्तार आरोपियों में अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू और सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी लंबे समय से क्रिकेट सट्टा और डिजिटल बेटिंग नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। पूछताछ में ऑनलाइन सट्टे के तीन बड़े तरीकों का खुलासा हुआ। आरोपी रायपुर से “अभिनंदन बुक/लाइन” के जरिए लाइव सेशन का भाव लेते थे और APK बेस्ड Zoom ऐप के माध्यम से नीचे एजेंटों तक पहुंचाते थे। इसके अलावा “प्रगति टीवी ऐप” और “स्टार लाइव” जैसे APK ऐप के जरिए मैच का प्रसारण करीब सात सेकंड पहले देख लेते थे, जिससे उन्हें सट्टे में एडवांटेज मिलता था। तीसरे तरीके में “All Panel Exchange”, “Taj 777” और “Diamond Exchange” जैसी बेटिंग आईडी खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बेटिंग आईडी दुबई से महानगरों के जरिए मध्य भारत तक पहुंचती थीं। आरोपी इन्हें कमीशन पर छोटे खाईवालों और प्लेयर्स तक पहुंचाते थे। शुरुआती जांच में एक आईपीएल सीजन में करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिले हैं। सबसे चौंकाने वाला खुलासा हवाला नेटवर्क को लेकर हुआ। आरोपियों के मोबाइल में नोटों के सीरियल नंबर शेयर कर रकम ट्रांसफर करने के सबूत मिले हैं। इससे पहले पुलिस एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी भी जब्त कर चुकी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ कहा है कि ऑनलाइन सट्टा, हवाला और संगठित अपराध के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी तकनीकी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।