
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम कुआं नगाराडीह निवासी 21 वर्षीय समीर बंजारे ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि मस्तूरी थाना में पदस्थ आरक्षक नवीन बंजारे सहित दिलीप निराला, अरविंद कुर्रे और अविनाश कुर्रे ने उसे फर्जी शराब मामले में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये की अवैध वसूली की है। पीड़ित ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पत्र में समीर बंजारे ने बताया है कि 15 जून 2026 को शाम करीब 3 से 4 बजे वह टिकारी स्थित स्कूल के पास बैठा हुआ था। इसी दौरान चार लोग वहां पहुंचे और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जबरदस्ती अपने साथ ले गए। पीड़ित का आरोप है कि उसे थाने ले जाकर डराया-धमकाया गया और कहा गया कि यदि पैसे नहीं दिए तो उसके खिलाफ 100 बोतल महुआ शराब रखने का झूठा केस बनाकर जेल भेज दिया जाएगा।

समीर के अनुसार, आरोपियों ने पहले उससे दो लाख रुपये की मांग की थी। उसने असमर्थता जताई तो कथित रूप से एक लाख रुपये में मामला निपटाने की बात कही गई। डर के कारण उसने अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद उसके घर वालों से 84 हजार रुपये नकद और 16 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से लिए गए। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि पैसे लेने के बाद उससे कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए गए और फिर छोड़ दिया गया। उसने शिकायत में यह भी कहा है कि अगले दिन उसके खिलाफ शराब पीने का फर्जी प्रकरण तैयार किया गया है, जबकि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद था। समीर बंजारे ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में मांग की है कि थाने के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, संबंधित पुलिसकर्मियों की गतिविधियों और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

उसका कहना है कि यदि फुटेज की जांच की जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वह एक गरीब परिवार से है और उसके पिता खेती-किसानी करते हैं। उसने कहा कि पुलिस जैसी जिम्मेदार संस्था से जुड़े लोगों द्वारा यदि इस तरह की कार्रवाई की जाती है तो आम लोगों में भय का माहौल पैदा होता है। इस मामले में शिकायत में जिन आरक्षकों के नामों का उल्लेख किया गया है, उन पर लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस विभाग की ओर से मामले में जांच या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।