
रमेश राजपूत
बिलासपुर – पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने का झांसा देकर सेवानिवृत्त अधिकारी से 4.50 लाख रुपये की राशि लेने और बाद में सोलर पैनल स्थापित नहीं करने का मामला सामने आया है। शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार जगन्नाथपुरम कॉलोनी, राजकिशोर नगर निवासी 70 वर्षीय विश्वनाथ पाण्डेय एसईसीएल से सेवानिवृत्त अर्ध-शासकीय अधिकारी हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि नवंबर 2025 में जितेन्द्र कुमार मौर्या, कुलविंदर सिंह धालीवाल और ट्रेवर हैंडरी मेंडिस उनके घर सर्वे करने पहुंचे थे। आरोपियों ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने का प्रस्ताव दिया और करीब दो माह में काम पूरा करने का आश्वासन दिया। शिकायत के मुताबिक पाण्डेय ने आरोपियों के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कुल 4.50 लाख रुपये का भुगतान किया। इसमें 1 दिसंबर 2025 को 2 लाख रुपये RTGS के माध्यम से, 5 दिसंबर को 1.50 लाख रुपये चेक के जरिए तथा 9 जनवरी 2026 को 1 लाख रुपये RTGS से कुलविंदर सिंह धालीवाल के खाते में ट्रांसफर किए गए। राशि का पूरा भुगतान होने के बावजूद सोलर सिस्टम स्थापित नहीं किया गया। पीड़ित का आरोप है कि कई बार संपर्क करने पर आरोपी फोन नहीं उठाते थे और फोन उठाने पर काम जल्द कराने का आश्वासन देते रहे। जनवरी से कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो सोलर पैनल लगाया गया और न ही राशि वापस की गई। शिकायत के आधार पर सरकंडा पुलिस ने जितेन्द्र मौर्या, ट्रेवर हैंडरी मेंडिस और कुलविंदर सिंह धालीवाल के खिलाफ धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।