
रमेश राजपूत
बिलासपुर – थाना तोरवा पुलिस ने एक होम फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर और एक कर्मचारी के खिलाफ ऋण खाते में जमा की गई ईएमआई की राशि में कथित गबन और धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मेसर्स सेंट बैंक होम फाइनेंस लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर अपर्णा विश्वास और कर्मचारी नितिन निगम के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष पूर्व आईपीसी की धारा 420 और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, हेमूनगर तोरवा निवासी शकील कुरैशी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उन्होंने वर्ष 2012 में व्यापार विहार स्थित सेंट बैंक होम फाइनेंस लिमिटेड से 12 लाख रुपये का होम लोन लिया था। इस ऋण का भुगतान 180 मासिक किश्तों (ईएमआई) के माध्यम से किया जाना था, जिसका वे नियमित भुगतान करते रहे।शिकायत में बताया गया कि कंपनी द्वारा 9 दिसंबर 2025 को जारी विवरण के अनुसार उनके द्वारा 27.58 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा की जा चुकी थी। इसके बावजूद ऋण खाते में करीब 15.97 लाख रुपये बकाया दर्शाया गया और बंधक रखी गई संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई। प्रार्थी का आरोप है कि उनके ऋण खाते में विभिन्न तिथियों पर कुल 7.35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, जिसमें 1.60 लाख रुपये, 2.75 लाख रुपये नकद तथा 3 लाख रुपये डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा किए गए। लेकिन खाते में केवल 2.75 लाख रुपये की ही प्रविष्टि की गई, जबकि शेष 4.60 लाख रुपये की राशि को जानबूझकर दर्ज नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह राशि ब्रांच मैनेजर अपर्णा विश्वास और कर्मचारी नितिन निगम की मिलीभगत से गबन की गई तथा उनकी बंधक संपत्ति कुर्क कराने का षड्यंत्र रचा गया। पुलिस ने शिकायत के साथ प्रस्तुत बैंक खाते के दस्तावेजों और प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाए जाने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। फिलहाल थाना तोरवा पुलिस पूरे मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है।